रांची: झारखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेजी से चल रही हैं, लेकिन एनडीए और इंडिया गठबंधन की ओर से उम्मीदवारों की घोषणाओं में अनिश्चितता बनी हुई है। नामांकन प्रक्रिया कल से शुरू हो रही है, लेकिन अभी तक किसी भी पार्टी ने सीटों के बंटवारे का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
राजनीतिक दलों के बीच बैठकों का दौर जारी है, लेकिन स्पष्टता के अभाव में उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ रही है। बीजेपी के चुनाव सह प्रभारी हेमंता विश्व शर्मा ने पहले कहा था कि चुनाव आयोग की घोषणा के 24 से 36 घंटे के भीतर उनकी पार्टी उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, जेडीयू ने पांच सीटों का दावा किया है, जबकि एनडीए में अभी भी सीटों का बंटवारा स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसी तरह, इंडिया गठबंधन के दलों के बीच भी चर्चा का सिलसिला जारी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के बीच संभावित सीटों का बंटवारा भी अभी तय नहीं हुआ है।
चिराग पासवान की लोजपा और अन्य सहयोगियों की मांगों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। चिराग की हालिया मुलाकातों से यह संकेत मिलता है कि बीजेपी जेडीयू और लोजपा की मांगों को लेकर सतर्क है। कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने भी कहा है कि राहुल गांधी के आगमन के बाद ही उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी।
हाल ही में दुमका में सुनील सोरेन और लुईस मरांडी के समर्थकों के बीच झड़प ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। इस विवाद में चाकू चलने की भी सूचना है, जिससे सभी दलों से अपील की जा रही है कि वे चुनावी माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखें।
एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच सीटों के बंटवारे पर भी चर्चा जारी है। सूत्रों के अनुसार, जेएमएम 45 सीटों, कांग्रेस 27 सीटों, आरजेडी 5 और माले 4 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है।
अभी सभी दलों में उम्मीदवारों की सूची की प्रतीक्षा जारी है, और उम्मीद जताई जा रही है कि 19 से 22 तारीख के बीच यह घोषणा हो जाएगी। जैसे ही सूची जारी होगी, राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
इस चुनावी माहौल में आगे क्या समीकरण बनते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। राजनीतिक दलों की तैयारियों और नामों की घोषणा के साथ, झारखंड में चुनावी तस्वीर साफ़ होने की ओर बढ़ रही है।


