‘शिक्षा कर भेंट’ (गिफ्ट ऑफ एजुकेशन) के तहत उपायुक्त ने किया एसएस+2 उच्च विद्यालय का निरीक्षण

गुमलाः जिले में शुरू हुए नई गतिविधि ‘शिक्षा कर भेंट’ (गिफ्ट ऑफ एजुकेशन) के तहत जिले भर के हाईस्कूलों में नियमित रूप से जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है. इसी कार्यक्रम के तहत आज उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने एसएस+2 उच्च विद्यालय ( स्कूल ऑफ एक्सीलेंस ) का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सर्व प्रथम विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुनील टोप्पो से बात की और विद्यालय में नामांकित छात्रों की संख्या, विषयवार शिक्षकों की संख्या, बच्चों का वार्षिक परफॉर्मेंस आदि से संबंधित संक्षिप्त जानकारी ली.

प्रिंसिपल और शिक्षकों के साथ बैठक करते हुए उपायुक्त ने बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु शिक्षकों को एक्टिव रहने का निर्देश दिया. नियमित टेस्ट सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ाते हुए उन्हें पढ़ाने की बात कही. उपायुक्त ने शिक्षकों को सबसे कमजोर विद्यार्थियों पर अधिक ध्यान देने की सलाह दी. उपायुक्त ने प्रधान अध्यापक को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी मैट्रिक-इंटर की बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत विद्दार्थी पास हो इसके लिए अभी से शिक्षकों के साथ बैठकर रणनीति तैयार करे और विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर को मजबूत करें.

शिक्षकों के साथ बैठक के पश्चात उपायुक्त ने पूरे विद्यालय का भी निरीक्षण किया. उन्होंने कॉमर्स एवं साइंस के 12वी कक्षा में जाकर विद्यार्थियों से मुलाकात की. 12वी कॉमर्स के विद्यार्थियों से उपायुक्त ने इकोनॉमिक से जुड़े कुछ सवालों को पूछा साथ ही विद्यार्थियों को “डिमांड एंड सप्लाई” चैप्टर से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को सिखाया. जिसमें ग्राफ बनाने के तरीके भी शामिल थे. वहीं 12वीं की साइंस की कक्षा में जाकर उपायुक्त ने विद्यार्थियों से आॅर्गेनिक और इनाॅर्गेमिक केमिस्ट्री से जुड़े बेसिक सवाल पूछे.

उपायुक्त ने इस दौरान बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय में आने तथा मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किए. विद्यार्थियों से लंबे समय तक उपायुक्त ने बात चीत भी की एवं उनकी समस्याओं को भी सुना. निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने पाया कि प्रति दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति औसतन 60% रहती है. जिसपर प्रधान अध्यापक ने बताया कि काफी विद्यार्थी कृषि एवं गरीब परिवार से आते हैं. विद्यार्थी अक्सर घरेलू कार्यों में सहायता करने एवं पार्ट टाइम जॉब करने हेतु विद्यालय में कम आते हैं. उपायुक्त ने पैरेंट्स टीचर मीटिंग करने एवं विद्यार्थियों से भी एक एक कर बात करते हुए उनकी काउंसलिंग करने की बात कही. इसके अलावा उपायुक्त ने विद्यालय के अन्य मुख्य समस्याओं के निराकरण हेतु भी बेहतरीन सलाह दी.

रिपोर्टः अमित राज

Saffrn

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