Jharkhand: सरायकेला–खरसावाँ, जिला प्रशासन की पहल पर आज AQUALINE BHUVANAM – पानी की खेती परियोजना का शुभारंभ किया गया। इस नवाचारी पायलट परियोजना का उद्देश्य वर्षा जल संचयन, भू-गर्भ जल पुनर्भरण (Recharge) तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देना है, जिससे क्षेत्र में भूजल स्तर में वृद्धि हो सके और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सरायकेला की छात्राओं को स्वच्छ एवं पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सके।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त, सरायकेला–खरसावाँ नितिश कुमार सिंह (भा.प्र.से.) उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त, सरायकेला–खरसावाँ नितिश कुमार सिंह (भा.प्र.से.) उपस्थित रहे। उपायुक्त के आगमन पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा बैंड के साथ उनका स्वागत किया गया और उन्हें *AQUALINE BHUVANAM – पानी की खेती परियोजना स्थल तक ले जाया गया। इसके पश्चात उपायुक्त महोदय द्वारा पारंपरिक विधि-विधान के साथ परियोजना का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर Rtn. रथिन भद्र, Rtn. राजा बागची (संस्थापक, AQUALINE BHUVANAM), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO), जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) तथा मनोज कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, इंडियन स्टार्टअप एसोसिएशन सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
उद्घाटन के पश्चात विद्यालय परिसर में एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया
उद्घाटन के पश्चात विद्यालय परिसर में एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें परियोजना के उद्देश्य और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर Rtn. रथिन भद्र द्वारा AQUALINE BHUVANAM पानी की खेती परियोजना पर एक प्रस्तुति दी गई, जिसमें वर्षा जल के संग्रहण, भूजल पुनर्भरण तथा जल के सतत उपयोग की प्रणाली के बारे में बताया गया। इस परियोजना के माध्यम से वर्षा जल का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण कर उसे भूगर्भ में पुनर्भरित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में जल स्तर में सुधार होगा। साथ ही इससे मिट्टी में नमी (Soil Moisture) बनी रहेगी, जिससे पौधों एवं हरित क्षेत्र को लाभ मिलेगा और स्थानीय पर्यावरण संतुलन भी सुदृढ़ होगा।
अपने संबोधन में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल केवल विद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहेगी। इस तकनीक के माध्यम से जिले के आदिवासी समुदाय और किसानों को भी वर्ष भर खेती के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिल सकती है। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उपायुक्त ने विद्यालय की छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का मंत्र भी दिया। उन्होंने कहा कि छात्राएं केवल नौकरी करने वाली नहीं, बल्कि नौकरी देने वाली बनने का लक्ष्य रखें। पढ़ाई लिखाई के साथ साथ अपने आसपास की समस्याओं और संसाधनों को ध्यान से देखें, आंख और कान खुले रखें तथा उनसे जुड़े नवाचार (Innovation) करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स के लिए सरकार अनेक योजनाओं और अवसरों के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित कर रही है। ऐसे में छात्राओं को चाहिए कि वे पढ़ाई के साथ नई सोच और नवाचार की दिशा में भी आगे बढ़ें। उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन छात्राओं की बेहतर शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखेगा। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल करें, प्रशासन हमेशा उनके साथ है।
जिला प्रशासन का मानना है कि AQUALINE BHUVANAM – पानी की खेती एक प्रभावी, पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ नवाचार है। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए भविष्य में इस तकनीक को जिले के अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके और जल संरक्षण के क्षेत्र में एक सशक्त उदाहरण स्थापित किया जा सके।
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