पटना सिटी : कोरोना के बावजूद पटना सिटी एक बार फिर से ऐतिहासिक खोइछा मिलन समारोह का गवाह बना. हजारों की संख्या में श्रद्धालु खोइछा मिलन में जुटे. पटना सिटी की सड़कें लोगों से पटी हुई थी. पुरानी सिटीकोर्ट के पास हर साल की तरह इस साल भी भक्ति-भाव अंदाज में किया गया. सदियों से इस परंपरा का निर्वहन किया जाता रहा है. मान्यता रही है कि मारूफगंज स्थित बड़ी देवी बड़ी बहन हैं जबकि महाराजगंज देवी छोटी बहन हैं. विजयदशमी के दिन बेलवरगंज में मारूफ गंज देवी और महाराजगंज देवी का खोइछा मिलन होता है. यहां पर दोनों देवियां जुटती हैं. उनके खोइछा की अदला-बदली होती है. यह दृश्य अत्यंत ही अलौकिक होता है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.
सदियों से चली आ रही खोइछा मिलन का मनोरम दृश्य देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो गये. सभी श्रद्धालुओं ने नम आंखों से बड़ी देवी और छोटी देवी माता को विदाई दी. श्रद्धालु इस मिलन का विहंगम दृश्य को देखना कभी नहीं भूलते हैं. यहां विजयदशमी के दिन सबसे बड़ा कार्यक्रम आयोजित की जाती है. घंटों इंतजार कर श्रद्धालु माता का खोइछा मिलन कार्यक्रम में भाग लेते हैं. माता का जगराता करते हुए आरती के साथ मां का खोइछा मिलन की जाती है.
बताया जाता है कि यह दृश्य देखना सबके सौभाग्य में नहीं होता. जो लोग इस दृश्य को देख पाते हैं वह अपने आप को बहुत ही सौभाग्यशाली मानते हैं. पटना सिटी स्थित मारूफगंज देवी और महाराजगंज देवी का खोइछा मिलान हुआ, जहां हज़ारों लोग जुटे.
रिपोर्ट : उमेश चौबे


















