रांची: झारखंड पुलिस के मुख्यालय में बुधवार को डीजीपी अजय कुमार सिंह ने सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी, एसएसपी-एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारों के अवसर पर की जाने वाली प्रशासनिक तैयारियों को लेकर था।
डीजीपी ने गुरुवार को गृह सचिव अविनाश कुमार और शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ राज्य के पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ एक बैठक करेंगे।
डीजीपी ने इस अवसर पर अधिकारियों को संवेदनशीलता से पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से असामाजिक तत्वों की निगरानी करने और भड़काऊ पोस्ट आदि के संबंध में इंटरनेट मीडिया पर नजरउ रखने का आदेश दिया। बैठक में उन्होंने जिलावार विधि-व्यवस्था की दिशा में की गई कार्रवाई की जानकारी भी प्राप्त की।
डीजीपी ने शांति समिति की बैठक करने, सांप्रदायिक सदभाव को बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई का भी आदेश दिया। विधि के अतिरिक्त, अवैध खनन, मादक पदार्थ, शराब, भूमि विवाद, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता और सुगम यातायात से संबंधित मामलों पर चर्चा की गई।
जिलों में प्रतिनियुक्त बल को दंगा रोधी संसाधनों से लैस करने के लिए निर्देश दिया गया है और संवेदनशील जगहों की पहचान, सूचना संकलन, शांति-समिति की बैठक और स्थानीय लोगों से संपर्क बनाए रखने के लिए सुरक्षा गश्ती और चेकिंग का निर्देश दिया गया है।
डीजीपी ने दुर्गा पूजा पंडालों में रोशनी की सुनिश्चित व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरा लगाने, बल-दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति का आदेश दिया है।
उन्होंने विशेष रूप से बताया कि पूजा के नाम पर जबरन चंदा वसूली के खिलाफ कदम उठाये जाएंगे और अवैध शराब और वधशालाओं की बिक्री पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


