डिजिटल डेस्क : Kunal Kamra पर बोले एकनाथ शिंदे – यह किसी की ‘सुपारी’ लेने जैसा…। Kunal Kamra के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर अपनी कॉमेडी में की गई टिप्पणी पर हुए बवाल-तोड़फोड़ के बाद उपजे विवाद पर मंगलवार को मुंबई पुलिस को सीधे समन जारी किए जाने के बाद अब पूरे विवाद पर खुद पहली बार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का बयान सामने आया है।
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Kunal Kamra की ओर पूरे प्रकरण पर कही गई बातों एवं दिए तर्कों को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे बड़े ही सौम्यता के साथ सिरे से खारिज कर दिया है।
साथ ही उसी विनम्रता और सौम्यता से डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विवादों की वजह बने Kunal Kamra की कॉमेडी-पैरोडी पर भी सधी हुई टिप्पणी की। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा – ‘यह किसी की ‘सुपारी’ लेने जैसा है…।’
एकनाथ शिंदे : हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है
पूरे मामले में शिवसैनिकों ने जैसी नाराजगी और जो तेवर दिखाए हैं, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने उससे इतर तनिक सियासी लिहाज से ही शिष्टता, सौम्यता एवं विनम्रता से अपनी बातों को रखा है। उन्होंने कुणाल के कटाक्ष की तुलना किसी के खिलाफ बोलने के लिए ‘सुपारी’ लेने से की।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कटाक्ष करते समय एक शिष्टाचार बनाए रखना चाहिए, अन्यथा कार्रवाई की वजह से प्रतिक्रिया होती है। बता दें कि 36 साल स्टैंड-अप कॉमेडियन Kunal Kamra ने अपने शो में डिप्टी सीएम शिंदे का नाम लिए बिना उनके राजनीतिक करियर पर कटाक्ष किया था।
Kunal Kamra ने महाराष्ट्र के एक बड़े राजनीतिक भूचाल का भी हवाला दिया था। Kunal Kamra ने फिल्म ‘दिल तो पागल है’ के एक लोकप्रिय हिंदी गाने की पैरोडी की थी। इसमें शिंदे को बिना उनका नाम लिए ‘गद्दार’ कहा गया था।
Kunal Kamra ने शिवसेना और एनसीपी के विभाजन सहित महाराष्ट्र में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी चुटकुले बनाए थे। उसी पर बरपे हंगामे और Kunal Kamra की ताजा बयानों के बाद अब डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने टिप्पणी की है।

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि – ‘…अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए। …यह किसी के खिलाफ बोलने के लिए ‘सुपारी’ लेने जैसा है।
…हर व्यक्ति को एक निश्चित स्तर बनाए रखना चाहिए। अन्यथा, क्रिया प्रतिक्रिया का कारण बनती है। …इसी व्यक्ति ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय, प्रधानमंत्री, अर्नब गोस्वामी और कुछ उद्योगपतियों पर टिप्पणी की थी।
…यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है। यह किसी के लिए काम करना है। …यह किसी के खिलाफ बोलने के लिए सुपारी लेने जैसा है।
…सामने वाले व्यक्ति को भी एक निश्चित स्तर बनाए रखना चाहिए अन्यथा क्रिया की प्रतिक्रिया होती है।‘

मुंबई पुलिस ने Kunal Kamra को भेजा समन…
इससे पहले मुंबई पुलिस ने Kunal Kamra को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर अपनी कॉमेडी में की गई टिप्पणी पर हुए बवाल-तोड़फोड़ के बाद उपजे विवाद पर समन भेजा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुंबई की खार थाने की पुलिस ने Kunal Kamra के घर समन भेजा है।
Kunal Kamra को मंगलवार दिन में मुंबई के खार थाने में जांच अधिकारी के सामने पेश होने को कहा है। हालांकि, मुंबई के खार थाने के इस समन का Kunal Kamra की ओर से जवाब नहीं दिया गया है।
बताया जा रहा है कि Kunal Kamra अभी मुंबई में नहीं हैं। इसी क्रम में मुंबई पुलिस ने आगे की जानकारी भी मीडिया से साझा की है। बताया गया कि MIDC पुलिस ने स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान Kunal Kamra के जोक को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज की थी।
उस FIR को आगे की जांच के लिए खार पुलिस को सौंप दिया गया। अब उसी क्रम में खार थाने की पुलिस ने कामरा को वॉट्सऐप के जरिए Kunal Kamra समन भेजा है। जवाब में Kunal Kamra ने पुलिस से कहा कि वह आज मुंबई नहीं आएंगे क्योंकि अभी वह तमिलनाडु में हैं।

मुंबई में जारी विवाद पर बोले Kunal Kamra – माफी नहीं मांगूंगा…
उससे भी पहले Kunal Kamra ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर अपनी कॉमेडी में की गई टिप्पणी पर हुए बवाल-तोड़फोड़ के बाद उपजे विवाद पर CM देवेंद्र फडणवीस की ओर से दिए गए माफी मांगने के सख्त संदेश पर विस्तार से अपनी बात रखी थी।
36 वर्षीय Kunal Kamra ने बीते सोमवार की रात ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी विस्तृत बयान में पूरे प्रकरण में अब तक हुए सभी महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर अपनी बात रखी। Kunal Kamra ने कहा कि – ‘मैं माफी नहीं मांगूंगा। मैंने जो कहा वह बिल्कुल वैसा ही है जैसा कि अजित पवार ने एकनाथ शिंदे के बारे में कहा था।
…मैंने कुछ भी ऐसा नहीं कहा, जिसके लिए मुझे माफी मांगनी चाहिए। अजित पवार भी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बारे में ‘गद्दारी’ जैसी टिप्पणी कर चुके हैं। …मैं इस भीड़ से नहीं डरता और मैं अपने बेड के नीचे छिपकर इसके शांत होने का इंतजार नहीं करूंगा।
…जो लोग मेरा नंबर लीक करने या मुझे लगातार कॉल करने में लगे हैं, मुझे यकीन है कि अब तक उनको एहसास हो गया होगा कि सभी अनजान कॉल मेरे वॉयसमेल पर जाते हैं, जहां आपको वही गाना सुनाया जाएगा जिससे आप नफरत करते हैं।
मैं इस भीड़ से नहीं डरता… उस भीड़ के लिए जिसने तय किया कि हैबिटेट को खड़ा नहीं होना चाहिए। …इंटरटेंमेंट प्लेस (मनोरंजन स्थल) केवल एक मंच है, सभी तरह के शो के लिए एक जगह। हैबिटेट (या कोई अन्य स्थल) मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है, न ही उसके पास इस बात पर कोई ताकत है कि मैं क्या कहता हूं। और न ही कोई राजनीतिक दल।
…किसी हास्य कलाकार के शब्दों के लिए किसी स्थान पर हमला करना उतना ही मूर्खतापूर्ण है जितना कि टमाटर ले जा रहे एक ट्रक को पलट देना, क्योंकि आपको परोसा गया बटर चिकन पसंद नहीं आया।
…हालांकि, मैं अपने खिलाफ की गई किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस और अदालतों के साथ सहयोग करने को तैयार हूं। …आगे के प्रोगाम के लिए मैं एलफिंस्टन ब्रिज या मुंबई में किसी अन्य स्थान का चयन करूंगा, जिसे जल्द ध्वस्त करने की जरूरत है।
…ये उन “राजनीतिक नेताओं” के लिए, है जो मुझे सबक सिखाने की धमकी दे रहे हैं। …मीडिया में जिस तरह से इस मामले की रिपोर्टिंग हो रही है, इस पर सोचने की जरूरत है। …भारत प्रेस की आजादी के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों की सूची में 159वें नंबर पर आता है।

…भले ही आज का मीडिया हमें कुछ और ही विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहा हो, हमारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार केवल शक्तिशाली और अमीर लोगों की प्रशंसा करने के लिए नहीं है।
…अगर आप किसी मजाक को बर्दाश्त नहीं कर सकते, जो किसी प्रभावशाली व्यक्ति पर किया गया हो, तो इसका मतलब यह नहीं कि मेरा यह अधिकार समाप्त हो जाएगा।
…जहां तक मुझे पता है, हमारे नेताओं और हमारे राजनीतिक तंत्र की आलोचना करना अवैध नहीं है। आपकी असमर्थता मेरे अधिकार की प्रकृति को नहीं बदलती है। … हमारे नेताओं और हमारी राजनीतिक व्यवस्था के सर्कस का मजाक उड़ाना कानून के खिलाफ नहीं है।
…क्या कानून समान रूप से उन लोगों के खिलाफ भी लागू किया जाएगा, जिन्होंने यह तय किया है कि मजाक से आहत होने पर तोड़फोड़ करना उचित प्रतिक्रिया है ?
…क्या उन गैर-निर्वाचित बीएमसी (BMC) अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी, जो आज बिना किसी पूर्व सूचना के हैबिटेट पहुंचे और हथौड़ों से जगहों को तोड़ दिया?’