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विदेशी सब्जियों की खेती कर किसान अशोक ने अपना संवारा भविष्य

गया : बिहार के बोधगया में विदेशी सब्जियों की खेती कर किसान अशोक कुमार ने अपना भविष्य संवारा है। इन्होंने विदेशी सब्जियों की खेती कर न सिर्फ नामी गिरामी किसान के रूप में अपनी पहचान बनाई है, बल्कि इससे सालाना लाखों की आय कर आर्थिक रूप से संबल भी हुए हैं। पहले अशोक सब्जी बेचने का काम करते थे, लेकिन अब उनकी गिनती उन्नत किसानों के रूप में होती है।

बोधगया में विदेशी सब्जियों की खेती करने वाले अशोक प्रसाद बकरौर के अकेले किसान हैं। यह पिछले छह-सात वर्षों से विदेशी सब्जियों की खेती कर रहे हैं। विदेशी सब्जियों की खेती कर इन्होंने खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया और आज उनकी एक उन्नत किसान के रूप में पहचान होती है। ये फिलहाल में आधा दर्जन से अधिक विदेशी सब्जियों की खेती कर रहे हैं।

बोधगया अंतरराष्ट्रीय स्थली है और इन दिनों अभी बौद्ध धर्म गुरू दलाई लामा का बोधगया प्रवास है। ऐसे में बोधगया में पर्यटन सीजन के साथ दलाई लामा के आगमन को देखते हुए विदेशी बौद्ध श्रद्धालुओं-पर्यटकों की भीड़ काफी संख्या में आ रही है। बोधगया में इसके बीच विदेशी सब्जियों की मांग बढ़ी है। ऐसे में किसान अशोक के खेतों की उगाई गई सब्जियों का लुत्फ़ विदेशी बौद्ध श्रद्धालु-पर्यटक उठा रहे हैं। किसान अशोक प्रसाद बताते हैं कि विदेशी सब्जियों की डिमांड के बीच उन्हें अचानक आइडिया आया, कि बोधगया में विदेशियों के काफी संख्या में आने के बावजूद विदेशी सब्जियों की खेती कोई नहीं करता है। ऐसे में उनके मन में विदेशी सब्जियों की खेती करने का आइडिया आया।

किसान अशोक प्रसाद ने एक बार जब विदेशी सब्जियों की खेती शुरू कर दी, तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। विदेशी सब्जियों की खेती कर आज वे संपन्न किसान बन गए हैं। वह बताते हैं, कि उनकी कोशिश है कि विदेशी की डिमांड जिन सब्जियों की रहती है, उन सब्जियों की वह खेती करें। यही वजह है, कि आज आधा दर्जन से अधिक विदेशी सब्जियों की खेती कर रहे हैं।

किसान अशोक प्रसाद विभिन्न विदेशी सब्जियों की खेती कर रहे हैं इसमें चाइनीज कैबेज, ब्रोकली, सिलेरी पत्ता (धनिया पत्ता के समान), पेचे (विदेशी साग), लेमनग्रास, लुटुस (सलाद पता), जुगनी, कैपशिगन रेड और येलो, पकचोंगा आदि शामिल हैं। इस तरह विदेशी सब्जियों की खेती करने में अशोक प्रसाद माहिर हो चुके हैं। हालांकि अब बोधगया के इलाके में कुछ और किसान अशोक कुमार से प्रेरणा लेकर इस तरह की खेती करने में जुटे हैं।

किसान अशोक कुमार बताते हैं कि वे बोधगया की जमीन पर विदेशी सब्जियां उगा रहे हैं। विदेशी सब्जियों को उगाने की शुरुआत छह-सात साल पहले की थी। पहले वह सब्जी बेचते थे और छोटे-मोटे किसान थे, लेकिन विदेशी सब्जियों की खेती कर वे आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं और एक तरह से कहें कि उनकी तकदीर बदली है। बताते हैं कि विदेशी सब्जियों की खेती कर सालाना लाखों कमा लेते हैं। इस तरह उन्होंने विदेशी सब्जियों की खेती कर अपना भविष्य संवारा है। वहीं, बोधगया के मार्केट में विदेशी सब्जियों को बेचने वाले दुकानदार मोहम्मद दिलशाद बताते हैं कि विदेशी सब्जियों की डिमांड इन दिनों काफी है। कुछ विदेशी सब्जियों आज भी दूसरे राज्यों से लाई जा रही है, तो कुछ विदेशी सब्जियों बोधगया में ही उगाई जाती है, जिसे लाकर बेचते हैं।

आशीष कुमार की रिपोर्ट

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