रांची : हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा का पांच दिवसीय सालाना उर्स 21 से 25 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है. उर्स के पहले दिन दरगाह कमिटि के अध्यक्ष हाजी अब्दुल रऊफ गद्दी के आवास से पहला चादर और शाही सन्दल निकला. जो बाद नमाज़ असर मोहल्ला होते हुए बाबा के मज़ार पर चादर पोशी किया गया. इससे पूर्व मज़ार शरीफ में ग़ुस्ल, कुरआन खानी और परचम कुशाई परम्परागत रूप से किया गया. हाजी रऊफ के आवास पर कव्वाली का मुकाबला कौसर जानी और शहंशाह ब्रदर्स के बीच हुआ. उर्स शुरू होते ही लंगर खाना सुबह से शाम तक चला, और यह पूरे पांच दिन तक चलेगा.

दरगाह कमेटी के अध्यक्ष हाजी अब्दुल रउफ गद्दी, महासचिव मो. फ़ारूक़ ने बताया कि रिसालदार बाबा का उर्स हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पूरे धूमधाम और अकीदत व एहतराम के साथ मनाया जा रहा है. कोविड-19 को देखते हुए सरकारी गाइडलाइन का पालन करते हुए कार्यक्रम हो रहा है.
ये है पूरा कार्यक्रम
उर्स का दूसरा दिन 22 अक्टूबर को तारीखी परचम कुशाई होगी, जो 65 फिट ऊंचा हैं जिसमें चांदी का चांद-तारा लगा होगा. जुमा नमाज़ के बाद 2ः30 बजे कमिटि के अध्यक्ष हाजी रऊफ के हाथों से परचम कुशाई होगी. 23 अक्टूबर को ख़ानक़ाही कव्वाली होगी. 24 अक्टूबर को कमिटि के महासचिव मो. फ़ारूक़ के आवास से शाही संदल व चादर निकलेगी और बाद में नमाज़ असर चादर पोशी की जाएगी. मज़ार शरीफ के मस्जिद के दूसरे तल्ले में नमाज़ ईशा नातिया मुशायरा होगा. हिंदुस्तान के मशहूर नात खाव्ह शामिल होंगे.
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