उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में ‘उद्योग वार्ता’ संपन्न शिकायतों के समाधान और त्वरित निष्पादन का दिया निर्देश
पटना,19 दिसंबर 2025 : बिहार में औद्योगिक निवेश को गति देने और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन हेतु राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘उद्योग वार्ता’ आज वायुयान संगठन निदेशालय, पटना (एयरपोर्ट के समीप) में आयोजित की गई। मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली इस बैठक में उद्योग जगत के 14 प्रमुख प्रतिनिधियों और स्टार्टअप संस्थापकों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने उद्यमियों की बातों को सुना और संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किएl
वित्तीय किस्तों के भूगतान में बिलंब पर मुख्य सचिव ने दिये सख्त निर्देश
स्टार्टअप ‘Eduratnam Innovation’ की निदेशक सुश्री तान्या राज और ‘Foodam Food India’ के संस्थापक और सीईओ श्री प्रत्यय अमृत द्वारा वित्तीय किस्तों के भुगतान में हो रही देरी की शिकायत पर मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग को एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर भुगतान सुनिश्चित करने और प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। तान्या राज ने शिक्षा विभाग के साथ जुड़ कर स्किल बेस्ड ट्रेनिंग सेंटर शुरू कर बिहार के युवाओं को नौकरी दिलाने में अहम योगदान देने की इच्छा जताई । मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग को निर्देश दिया कि इस पर कार्य शुरू कर जनवरी माह से पहले इसे पायलट प्रोजेक्ट की तरह शुरू किए जाने पर विचार करे।

कुदरा ब्लॉक में जर्जर सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने का दिया निर्देश
कैमूर में स्थित ‘ESE Energy Pvt Ltd’ के प्रबंध निदेशक श्री अनिल कुमार चौरसिया द्वारा बताया गया कि कैमूर ज़िले में उनका एक एथनॉल प्लांट है जिसके पास की सड़क की स्थिति जर्जर है। इस शिकायत पर मुख्य सचिव ने तुरंत पथ निर्माण विभाग को NH-2 के समीप कुदरा ब्लॉक के उक्त सड़क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने का आदेश दिया।

श्री निर्मल कुमार वर्मा (संस्थापक, Self Reliant Capacity Building Welfare Foundation) को युवाओं के कौशल विकास हेतु ‘युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग’ से समन्वय स्थापित करने को कहा। श्री नीरज कुमार (सीईओ Kivisa) ने बिहार में फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने में इच्छा जताई ।

बैठक में निवेशकों ने भूमि संबंधी आवश्यकताओं पर विस्तार से की चर्चा
‘Velankani Group’ के सलाहकार श्री शशि शेखर ने बिहार में 2000 एकड़ में विस्तृत ‘इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक सिटी’ की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। Ahmadabad स्थित ‘Diwaj Steel Pvt Ltd’ के प्रबंध निदेशक श्री मोहित कुमार पटेल ने 150 एकड़ भूमि पर स्टील प्लांट का प्रस्ताव दिया, जिससे बिहार, यूपी और एमपी में स्टील का निर्यात सुगम होगा।’अल्ट्राटेक सीमेंट’ के सीनियर एग्जीक्यूटिव श्री अमरेन्द्र कुमार ने भी अपनी भूमि संबंधी समस्याओं से मुख्य सचिव को अवगत कराया। ‘रश्मि ग्रुप’ के श्री चिराग पटोडिया ने 500 एकड़, ‘Orna24 Industries’ के प्रबंध निदेशक श्री कुंदन सर्राफ ने 24 कैरट ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हेतु 100 एकड़ की माँग की और ‘Geofast’ के श्री साकेत बगारिया ने भी औद्योगिक इकाई लगाने हेतु भूमि की मांग की।
Palan-G industries/Savera Furniture से एंटरप्रेन्योर और फर्नीचर मैन्युफैक्चरर श्री सुधीर केशरी ने बिहार में ही आधुनिक फर्नीचर बनाने का प्लांट स्थापित करने के लिए एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।
बाढ़ प्रभावित ईलाकों में फ्लोटिंग अस्पताल होगा जीवनदायी
आरा के एंटरप्रेन्योर एवं अपसाइक्लिंग एक्सपर्ट श्री कुमार प्रशांत ने ‘Climate Resilient Village’ और ‘फ्लोटिंग हाउस’ का मॉडल पेश किया, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। यदि ऐसा कुछ बिहार में बने तो जान माल का नुकसान ना के बराबर होगा, फ्लोटिंग अस्पतालों से इलाज भी मिलेगा और मवेशियों को भी बाढ़ में बचाया जा सकेगा। प्रशांत ने ऐसे कुछ मॉडल आरा ज़िले में बना रखे हैं।
राज्य सरकार “अभी नहीं तो कभी नहीं” के मूल मंत्र पर कर रही काम
मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार “अभी नहीं तो कभी नहीं” के मूल मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार के विकास में महिलाओं की भागीदारी सर्वोपरि है और सरकार उनके उद्यमों को हर संभव मदद देगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि निवेश को सुगम बनाने हेतु यदि किसी नीति में संशोधन या नई नीति लाने की आवश्यकता होगी, तो सरकार बिना विलंब के निर्णय लेगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार, उद्योग निदेशक श्री मुकुल कुमार गुप्ता, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री मनोज कुमार सिंह सहित मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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