रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने चिटफंड व नन बैंकिंग कंपनियों के द्वारा निवेशकों से ठगे गये अरबों रुपये लौटाने को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की.
चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र और जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार का में पक्ष सुना, राज्य सरकार का जवाब सुनने के बाद अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने छह दिसंबर को तिथि निर्धारित की.
इससे पहले राज्य सरकार की ओर से खंडपीठ को बताया गया कि मामले में सुप्रीम कोर्ट एसएलपी दायर कर हाइकोर्ट के 11 सितंबर 2023 के उस आदेश को चुनौती देने का निर्णय लिया गया है।
जिसमें राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि 45 दिनों में उच्चस्तरीय समिति बनाने की अधिसूचना जारी करें, कोर्ट ने यह भी कहा था कि हाइकोर्ट के सेवानिवृत्त चीफ जस्टिस की अध्यक्षतावाली तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति रहेगी।
इसमें सेवानिवृत्त चीफ जस्टिस के अलावा सेक्रेटरी बोर्ड ऑफ ऑफ रेवेन्यू व सीबीआई के एक अधिकारी, जो डीआइजी रैंक से कम का न हो, रहेंगे वह समिति चिटफंड कंपनियों से निवेशकों की जमा पूंजी को वापस दिलाने का प्रयास करेगी।


