रांचीः राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन सड़क मार्ग से लातेहार दौरे पर पहुंचे. राज्यपाल ने लातेहार-पलामू मार्ग स्थित नीलाम्बर-पीताम्बर तोरण द्वार में शहीद नीलाम्बर-पीताम्बर के स्मारक स्थल में पूजा-अर्चना की और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किया.

लातेहार दौरे के क्रम में उन्होंने उदयपुर के राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं भी तमिलनाडु के छोटे से गांव से आता हूं. मैं गांवों की परिस्थितियों को अच्छी तरह समझ सकता हूं. इसलिए आप सबकी समस्याओं को निकट से जानने के लिए आप सबके बीच आया हूं. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि गांव जाने पर ही वहां की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त हो सकती है.
धनबाद हाईटेंशन हादसे के मृतक के परिजन को सौंपा चेक
राज्यपाल ने लातेहार के परिसदन में धनबाद हाईटेंशन हादसे के मृतक के परिजन को चेक सौंपा. रिंकी देवी (पति- स्व. दिनेश भुईयां) और पूर्णिमा देवी (पति- स्व. संजय राम) को अपने विवेकाधीन अनुदान मद से 1-1 लाख का चेक, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना एवं मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया गया. 29 मई को धनबाद रेलमंडल में निचितपुर हॉल्ट के पास पोल खड़ा करने के क्रम में दिनेश भुईया और संजय राम की मृत्यु हो गई थी.

गांव से विकास करना होगा
सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि झारखंड के राज्यपाल के रुप में शपथ लेने के समय ही कहा था कि राजभवन लोगों तक पहुंचेगा. आप लोग कभी भी अपनी समस्याओं को लेकर राजभवन आ सकते हैं. राज भवन का द्वार सभी के लिए खुला है. उन्होंने कहा कि हमें विभिन्न विविधताओं के बावजूद विकास के लिए एकजूट होकर कार्य करने पर ध्यान देना होगा. हम सभी को एक स्वर में प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याओं को रखना होगा. उन्होंने कहा कि यदि भारत का विकास करना है तो ग्रामों से विकास करना होगा. यदि हमारे गांव विकसित होंगे तो प्रखंड विकसित होंगे, प्रखंड विकसित होंगे तो जिला विकसित होंगे, जिला विकसित होंगे तो राज्य विकसित होंगे और राज्य विकसित होंगे तो देश विकसित होगा.

विश्वविद्यालयों को भ्रष्टाचारमुक्त करने की दिशा में प्रयासरत हैं
राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि यह वीर नीलाम्बर-पीताम्बर की भूमि है. जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत से देश की स्वतंत्रता हेतु संघर्ष किया. वीर नीलाम्बर-पीताम्बर का साहस व राष्ट्र के प्रति समर्पण अविस्मरणीय है. उनके जैसे विभूतियों का संघर्ष का ही प्रतिफल है कि आज हमारे देश की अर्थव्यवस्था ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था से आगे है. उन्होंने कहा कि देश की इस अर्थव्यवस्था का ही परिणाम है कि गांव में विकास की किरणें पहुंच रही हैं. गांव में निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किया जा रहा है. इस अर्थव्यवस्था का ही परिणाम है कि प्रधानमंत्री द्वारा किसानों को हर साल उनके खाते में 6000 की राशि सीधे दी जा रही है. लोगों को विभिन्न योजनान्तर्गत पेंशन मिल रहा है, चिकित्सा सुविधा हेतु केन्द्र एवं राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना संचालित हैं.

राज्य में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय के साथ एकलव्य विद्यालय आदि मौजूद हैं. झारखंड में 68 एकलव्य विद्यालय स्वीकृत किये गए हैं. जो पूरे देश में किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक है. राज्यपाल ने कहा कि हम लोग विभिन्न क्षेत्र के हो सकते हैं, विभिन्न भाषा के हो सकते हैं लेकिन बात ग्राम के विकास की हो तो सबको एक होना होगा. उन्होंने कहा कि जमीन-जायदाद व धन-दौलत की वृद्धि से कुछ नहीं होगा. अपने बच्चों को शिक्षित करने में ही सच्ची सफलता है, इसलिए आप सभी अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करें. ड्राप-आउट की समस्या नहीं होनी चाहिए, उन्हें उच्च शिक्षा हासिल कराने हेतु आपको प्रयत्नशील रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे राज्य में स्थापित विश्वविद्यालयों को भ्रष्टाचारमुक्त करने की दिशा में प्रयासरत हैं. उच्च शिक्षण संस्थानों में आधारभूत संरचनाएं विकसित की जा रही हैं.
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