रांची में लापता अंश अंशिका की सकुशल बरामदगी के बाद हटिया DSP PK Mishra भावुक हुए। अयप्पा मंदिर में मन्नत और पुलिस ऑपरेशन की पूरी कहानी।
Hatiya DSP : रांची के धुर्वा इलाके से लापता हुए मासूम भाई बहन अंश और अंशिका के सकुशल मिलने के बाद पूरे झारखंड में राहत और खुशी का माहौल है। करीब दस दिन तक चले इस हाई प्रोफाइल सर्च ऑपरेशन के बाद रामगढ़ के छतरपुर इलाके से दोनों बच्चों को बरामद किया गया। इसके बाद हटिया डीएसपी पीके मिश्रा का पहला बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने अपनी भावनाएं और पुलिस पर बने भारी दबाव को खुलकर साझा किया।
अंश और अंशिका दस दिनों बाद रामगढ़ के छतरपुर से सकुशल बरामद
हटिया DSP PK Mishra ने रजरप्पा मंदिर में मांगी थी बच्चों की सलामती की मन्नत
पुलिस पर भारी दबाव के बावजूद लगातार चलती रही खोजबीन
मानव तस्करी गिरोह की भूमिका की जांच तेज
डीजीपी स्तर पर पूरे ऑपरेशन का खुलासा होने की तैयारी
Hatiya DSP: एसएसपी आवास में भावुक दिखे हटिया DSP
एसएसपी आवासीय परिसर में जब अंश और अंशिका अपने पिता से मिले तो वह दृश्य बेहद भावुक था। दोनों बच्चे मुस्कुराते हुए सुरक्षित नजर आए। हटिया डीएसपी पीके मिश्रा भी वहां मौजूद थे और उनके चेहरे पर गहरी राहत साफ दिख रही थी। उन्होंने कहा कि बीते कई दिनों से पुलिस पर जनता और मीडिया का जबरदस्त दबाव था, लेकिन पूरी टीम लगातार मेहनत कर रही थी।
पीके मिश्रा ने कहा कि पुलिस का काम सिर्फ कानून व्यवस्था संभालना नहीं बल्कि जनता के विश्वास को बनाए रखना भी है। इस मामले में उन्हें हर पल यही चिंता थी कि दोनों मासूमों को सुरक्षित कैसे लौटाया जाए।
Hatiya DSP: अयप्पा मंदिर में मांगी मन्नत
डीएसपी पीके मिश्रा ने बताया कि बच्चों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद में वे रोज प्रार्थना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह रजरप्पा मंदिर मंदिर गए थे और भगवान से यही प्रार्थना की थी कि या तो बच्चों को सकुशल बरामद करा दिया जाए या फिर उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया जाए।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि ईश्वर पर उनका पूरा भरोसा था और आज वही भरोसा सच्चाई में बदल गया। बच्चों के मिलने के बाद वे फिर से अयप्पा मंदिर जाकर धन्यवाद देने की तैयारी कर रहे हैं।
Hatiya DSP: मानव तस्करी की आशंका पर जांच तेज
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर रामगढ़ के छतरपुर में एक दंपती के साथ रह रहे दोनों बच्चों की पहचान हुई। मकान मालिक ने बताया कि आरोपी खुद को पति पत्नी बताते थे और बच्चों को अपना बताते हुए किराए पर कमरा लिया था।
स्पेशल ब्रांच की ओर से पहले ही मानव तस्करी गिरोह को लेकर अलर्ट जारी किया गया था। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या बच्चों को राज्य से बाहर ले जाने की योजना थी या यह कोई संगठित गिरोह की साजिश थी। डीजीपी तदासा मिश्रा द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
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