Hazaribagh Bilawal:आतंकवाद से जुड़े घर पर NIA-ATS का छापा, सुरक्षा बढ़ाई गई

हजारीबाग के बिलावल क्षेत्र में NIA raid के दौरान 2023 Pune केस से जुड़े शहनवान सफीउज्जमा के घर पर सर्च ऑपरेशन। CRPF जवानों ने पूरे घर को घेरा


हजारीबाग के बिलावल क्षेत्र में NIA-ATS की बड़ी कार्रवाई

हजारीबाग: हजारीबाग के बिलावल क्षेत्र के अनुसार नगर में गुरुवार अहले सुबह NIA raid के बाद इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। NIA और ATS की संयुक्त टीम तीन गाड़ियों में पहुंची और शहनवान सफीउज्जमा के घर पर छापेमारी शुरू की। यह वही व्यक्ति है जिसे 2023 में पुणे से आतंकी कनेक्शन के आरोप में NIA ने गिरफ्तार किया था। मौके पर 25 से अधिक CRPF के महिला और पुरुष जवानों ने पूरे घर को सुरक्षा घेरे में ले लिया है।


Key Highlights

  • हजारीबाग के बिलावल क्षेत्र के अनुसार नगर में NIA-ATS की अहले सुबह रेड

  • जिस घर में रेड, उसका 2023 Pune NIA case से terror link

  • घर शहनवान सफीउज्जमा का, जिसे 2023 में पुणे से NIA ने किया था गिरफ्तार

  • गिरफ्तारी के बाद NIA टीम हजारीबाग भी पहुंची थी जांच के लिए

  • CRPF के पुरुष व महिला जवानों की 25 सदस्यीय टीम ने घर को घेरा

  • NIA raid टीम तीन गाड़ियों से पहुंची, घर की सघन जांच जारी


 मामला क्या है:पृष्ठभूमि और संदिग्ध गतिविधियों का आधार

शहनवान सफीउज्जमा को 2023 में पुणे से NIA ने गिरफ्तार किया था। उसके संपर्क, डिजिटल रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर एजेंसियां पहले से जांच कर रही थीं। गिरफ्तारी के बाद NIA की टीम हजारीबाग भी पहुंची थी ताकि उसके स्थानीय नेटवर्क और संभावित सहायता तंत्र की गहराई से जांच की जा सके। इसी पृष्ठभूमि में अब एजेंसियों को नए इनपुट मिले, जिसके बाद यह रेड की गई।

कार्रवाई जारी: NIA और ATS खंगाल रही महत्वपूर्ण सुराग

टीम घर से दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर रही है। CRPF की महिला और पुरुष टीमें घर के हर हिस्से की तलाशी में एजेंसियों की मदद कर रही हैं। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी शहनवान के पुराने संपर्क, मोबाइल डेटा, वित्तीय लेनदेन और किसी बाहरी मॉड्यूल से जुड़े लिंक की जांच कर रहे हैं।

फिलहाल यह कार्रवाई 2023 Pune NIA case से जुड़े आतंकी नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है। जब्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। एजेंसियां आगे की कार्रवाई के लिए आरोपों और डिजिटल एविडेंस के आधार पर नई धाराएं जोड़ सकती हैं।

झारखंड में पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय एजेंसियां आतंक-सम्बंधित नेटवर्क को लेकर लगातार सख्त रुख अपना रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि देशभर के विभिन्न शहरों में पकड़े गए मॉड्यूल के लिंक झारखंड तक मिलने से सुरक्षा की चुनौती बढ़ी है। ऐसे में NIA और ATS की यह कार्रवाई स्थानीय सपोर्ट सिस्टम को तोड़ने की दिशा में अहम है।

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