Hazaribagh News: हजारीबाग के कोर्रा क्षेत्र के मेधावी छात्र चंदन कुमार ने वह कर दिखाया जो बड़े-बड़े सपनों के लिए प्रेरणा बन जाएगा. साइकिल की दुकान में पंचर बनाने से लेकर देश के सबसे प्रतिष्ठित मंच भारत मंडपम, नई दिल्ली तक का सफर तय कर चुके चंदन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष अपने विचार रखने जा रहे हैं. उन्हें देश के प्रतिष्ठित कार्यक्रम ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ के लिए चयनित किया गया है. यह कार्यक्रम 9 से 12 जनवरी तक आयोजित होगा. जिसमें देशभर से चुने गए 30 युवा अपनी-अपनी विषयों पर प्रधानमंत्री और नीति निर्माताओं के सामने प्रस्तुति देंगे.
Hazaribagh News: झारखंड की ओर से चंदन रखेंगे अपना विचार
झारखंड की ओर से चंदन कुमार इस मंच पर प्रतिनिधित्व करेंगे और ‘आत्मनिर्भर भारत: मेक इन इंडिया, मेक फॉर वर्ल्ड’ विषय पर अपना विजन प्रस्तुत करेंगे. चंदन फिलहाल विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर एनटीपीसी में ट्रेनिंग कर रहे हैं. वह बताते हैं कि आत्मनिर्भर भारत का अर्थ केवल अपने देश में चीजें बनाना नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता के साथ भारतीय उत्पादों को पहचान दिलाना भी है.
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Hazaribagh News: चंदन की सफलता पर पूरा परिवार गौरवान्वित
चंदन कुमार के अनुसार, ‘महत्वपूर्ण यह नहीं कि हम क्या बनाते हैं, बल्कि यह है कि हमारे प्रोडक्ट की गुणवत्ता विश्व स्तर पर कितनी प्रतिस्पर्धी है.’ चंदन बताते हैं कि इस कार्यक्रम में चयनित युवाओं के विचारों को सरकार एक रिपोर्ट के रूप में संकलित करेगी, जिसे भविष्य की नीतियों में स्थान दिए जाने की संभावना होती है. यह किसी भी युवा के लिए बड़े सम्मान की बात है. उनकी सफलता पर पूरा परिवार गौरवान्वित है. उनके पिता बबलू कुमार, जो स्वयं ग्रेजुएट हैं पर नौकरी न मिलने के कारण साइकिल की दुकान चलाते हैं, गर्व से कहते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने बेटे को कभी सपने देखना बंद नहीं करने दिया. वे बताते हैं, ‘हमने बहुत संघर्ष किए, पर आज चंदन की मेहनत और लगन ने सबका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया.’
Hazaribagh News: चंदन की बहन ने ये कहा
चंदन की बहन पायल कुमारी भी बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा, ‘भाई जब प्रधानमंत्री के सामने अपनी बात रखेंगे, तो यह हम सबके लिए जीवन का सबसे गर्व भरा पल होगा.’ झारखंड के 30 चयनित युवाओं में चंदन का नाम सबसे प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है. उनकी यात्रा साबित करती है कि अगर मन में दृढ़ निश्चय और मेहनत का भाव हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं. आज हजारीबाग का यह बेटा पूरे देश के सामने ‘विकसित भारत’ का चेहरा बनकर उभर रहा है. चंदन और पूरे परिवार से बातचीत की हमारे संवाददाता शशांक शेखर ने.
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