Hazaribagh News: रांची स्थित माननीय झारखंड उच्च न्यायालय (JHC) द्वारा 18 जुलाई 2023 को पारित आदेश के बावजूद हजारीबाग जिले के कूद, राष्ट्रीय राजमार्ग-100 (NH-100) के समीप स्थित डंपिंग यार्ड में आज भी हजारीबाग नगर निगम द्वारा नियमित रूप से ठोस अपशिष्ट (कचरा) का निस्तारण किया जा रहा है. यह स्थिति न्यायालय के आदेशों के अनुपालन पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है.
Hazaribagh News: JHC ने दिया था ये निर्देश
प्राप्त तथ्यों के अनुसार, उक्त स्थान पर संचालित डंपिंग यार्ड को हटाने एवं वहां कचरा फेंकने पर रोक लगाने के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे. आदेश का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप हो रहे पर्यावरणीय प्रदूषण, जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के उल्लंघन को रोकना था.
Hazaribagh News: HMC नहीं मान रही बात
इसके बावजूद, वर्ष 2023 से अब तक कूद (NH-100) स्थित उक्त स्थल पर नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहनों द्वारा निरंतर कचरा गिराया जाना जारी है. स्थानीय निरीक्षण एवं नागरिकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डंपिंग यार्ड में कचरे का ढेर लगातार बढ़ रहा है, जिससे दुर्गंध, मच्छरों व मक्खियों का प्रकोप तथा वर्षा के दौरान प्रदूषित जल का बहाव आसपास के क्षेत्रों में फैल रहा है. यह स्थिति Solid Waste Management Rules, 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन की ओर संकेत करती है, जिनके अंतर्गत नगर निकायों को कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण, पृथक्करण तथा पर्यावरण-सुरक्षित प्रबंधन सुनिश्चित करना अनिवार्य है. राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप खुले रूप से कचरा डंप किया जाना इन नियमों के प्रतिकूल माना जाता है.
Hazaribagh News: HMC का रहा है न्यायालय की अवमानना
कानूनी दृष्टिकोण से, उच्च न्यायालय के आदेश के पश्चात भी उक्त स्थल पर डंपिंग जारी रहना न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) की श्रेणी में आ सकता है. साथ ही यह विषय पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं सड़क सुरक्षा से भी प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है, क्योंकि NH-100 से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन एवं आम नागरिक गुजरते हैं.
Hazaribagh News: अभी तक नहीं की गई है स्थायी एवं प्रभावी कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों का कहना है कि इस विषय को कई बार जिला प्रशासन एवं नगर निगम के संज्ञान में लाया गया, किंतु अब तक कोई स्थायी एवं प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है. न तो डंपिंग यार्ड को हटाया गया है और न ही किसी वैकल्पिक स्थल पर वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू की गई है. कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि शीघ्र ही उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया. तो यह मामला प्रशासनिक लापरवाही से आगे बढ़कर कानूनी उत्तरदायित्व का विषय बन सकता है. जिस पर न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा सकता है.
Hazaribagh News: आदेश के बाद भी स्थिति पहले जैसी
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यहां पर कुछ दिनों तक पूरा हटाने का भी कार्य चला था. जिसके लिए करोड़ों रुपए का टेंडर किया गया था. लेकिन फिलहाल स्थिति वही पहुंचती हुई दिखाई दे रही है, जहां पहले थी. इस पूरे मामले में सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार बताते हैं क्यों पूरा डंप करने के लिए नई जगह का चयन हो चुका है और वहां पर पूरा डंप भी हो रहा था. परंतु कुछ परेशानियां आई है जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश को भी नगर निगम ठेंगा दिखा रहा है. अब देखना यह है कि हजारीबाग जिला प्रशासन माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन कैसे करवा पता है. हजारीबाग से शशांक शेखर की खबर…
Highlights

