Hazaribagh : हजारीबाग के ईचाक और पदमा थाना सीमांत इलाका में बंद पड़ा पत्थर का खदान (चमेली झरना) इन दिनों मौत का जलाशय साबित हो रहा है। बताते चले कि आए दिन इस पत्थर के खदान में डूबने से लगभग आधा दर्जन लोगों की मौत भी हो चुकी है।
Hazaribagh :कुछ दोस्तों के साथ नहाने आया था युवक
लेकिन अब तक प्रशासन गहरी निंद्रा में सोई हुई है। बीते 36 घंटा पहले हजारीबाग शहर से एक युवक शैयद जमन अब्बास नाम का लड़का कुछ दोस्तों के साथ इसी खदान में घूमने के लिए पहुंचा हुआ था। अचानक सभी दोस्त जलाशय में नहाने लगे।
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इसी दौरान जमन गहरे पानी में जा गिरा और अब तक उसके शव का पता नहीं चल सका है। परिजनों ने बताया कि लगभग 36 घंटे से भी अधिक के समय होने को चले हैं और अब तक शव का कोई पता नहीं चला है। वहीं इसकी जानकारी एनडीआरएफ टीम को दी गई।
Hazaribagh : अभी तक नहीं मिला शव
आज अहले सुबह से ही एनडीआरएफ की टीम बंद पड़े पत्थर के खदान में रेस्क्यू करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन पानी की गहराई अधिक होने की वजह से रेस्क्यू में कई परेशानियां आ रही है। लोग बताते हैं कि पानी की गहराई लगभग 100 फीट से अधिक है। इस वजह से यह सब परेशानियां आ रही है।
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दूसरी तरफ स्थानीय लोग बताते हैं कि कई बार प्रशासन से इस खतरे के क्षेत्र को घेराबंदी करने का आग्रह किया गया। लेकिन अब तक इसके लिए कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आए दिन यही वजह है कि इस बंद पड़े पत्थर के खदान में दुर्घटना होती रहती है।


