
HEC Medical Facility Protest, रांची: मेडिकल सुविधाओं में बढ़ोतरी और कर्मचारियों के लिए बंद की गई सुविधाओं को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर शनिवार को एचईसी मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया। हटिया कामगार यूनियन (एटक) के नेतृत्व में आयोजित सभा में कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मेडिकल सुविधा से जुड़े कई मुद्दे उठाए। यूनियन की ओर से कहा गया कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज कराने में मौजूदा मेडिकल खर्च की सीमा परेशानी पैदा कर रही है।
मेडिकल खर्च की 3 लाख रुपये की सीमा बढ़ाने की मांग
सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के उपाध्यक्ष लालदेव सिंह ने कहा कि एचईसी कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए मेडिकल सुविधा के तहत सालभर में अधिकतम तीन लाख रुपये की सीमा निर्धारित है। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों के इलाज में खर्च होने वाली राशि को देखते हुए यह सीमा पर्याप्त नहीं है। यूनियन का कहना है कि इलाज के दौरान कई बार खर्च निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है, जिससे कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो सकती है। लालदेव सिंह ने दावा किया कि अन्य सरकारी उपक्रमों में चिकित्सा खर्च को लेकर इस तरह की सीमा नहीं है और संबंधित संस्थान वास्तविक इलाज का खर्च वहन करते हैं। इसी आधार पर एचईसी में भी मेडिकल खर्च की वार्षिक सीमा बढ़ाने की मांग की गई। यूनियन ने मांग की कि कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और मेडिकल खर्च की सीमा को अन्य सरकारी उपक्रमों के अनुरूप बढ़ाया जाए।
पारस अस्पताल में मुफ्त इलाज की मांग
प्रदर्शन के दौरान एचईसी में ओपीडी सुविधा उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। कर्मचारियों का कहना था कि इससे उन्हें सामान्य चिकित्सा जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यूनियन के अनुसार, एचईसी की जमीन पर पीपीपी मॉडल के तहत पारस अस्पताल संचालित है और इसके एवज में एचईसी को सालाना करीब 35 लाख रुपये मिलने की बात कही गई। कर्मचारियों ने मांग की कि इसके बदले अस्पताल में एचईसी कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। कर्मचारियों की मांग है कि पारस अस्पताल में एचईसी कर्मियों और उनके आश्रितों को ओपीडी से लेकर अस्पताल में भर्ती होने तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाए। यूनियन ने इसे कर्मचारियों की चिकित्सा जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
पूजा कुमारी के इलाज का मामला भी उठा
सभा के दौरान एचईसी कर्मचारी प्रकाश चंद्र की पत्नी पूजा कुमारी के इलाज का मामला भी उठाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि आर्थिक संकट के कारण उनके इलाज को जारी रखने में परेशानी हो रही है। इस मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन पर दबाव बनाने की बात कही। सभा के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि इलाज के अभाव में कोई अनहोनी होती है, तो इसके लिए प्रबंधन, विशेष रूप से वित्त निदेशक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी कर्मचारियों की ओर से दी गई है और इसे उनके आंदोलन के रुख के तौर पर देखा गया। इसके साथ ही यूनियन ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में एचईसी मुख्यालय को अनिश्चितकाल के लिए जाम करने की चेतावनी भी दी।
कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
सभा के दौरान कर्मचारियों ने चिकित्सा सुविधा से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कर्मचारियों और उनके आश्रितों को इलाज के लिए बेहतर व्यवस्था मिलनी चाहिए और पहले उपलब्ध सुविधाओं में की गई कटौती को वापस लिया जाना चाहिए। यूनियन ने मेडिकल खर्च की सीमा बढ़ाने, ओपीडी सुविधा उपलब्ध कराने और पारस अस्पताल में एचईसी कर्मियों तथा आश्रितों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था की मांग रखी। सभा को एमपी रामचंद्र और आरके शाही ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रबंधन से चिकित्सा सुविधाओं को लेकर जल्द निर्णय लेने की मांग की। वहीं, यूनियन की चेतावनी से साफ है कि मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।




