रांची: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विपक्षी एकजुटता के लिए कवायद तेज कर दी है, देश के कई प्रमुख विपक्षी नेता वर्चुअली बैठक में शामिल हुए । इस बैठक में पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शामिल हुए । बैठक के जरिए सोनिया गांधी देश के कई प्रमुख मुद्दों पर विपक्षी दलों को साथ लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश में जुटीं। विपक्षी दलों को एकजुट कर केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ लड़ाई को धार देने की कोशिश इस बैठक में की गयी,,
चार मुख्यमंत्रियों समेत इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह एवं राहुल गांधी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, डीएमके के एमके स्टालिन, टीएमसी की तरफ से खुद ममता बनर्जी, झारखंड मुक्ति मोर्चा की तरफ से हेमंत सोरेन, शिवेसेना के उद्धव ठाकरे, एनसीपी की तरफ से शरद पवार और CPM नेता सीताराम येचुरी सहित अन्य विपक्षी दल के नेता शामिल हुए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विपक्ष की बैठक में हुए शामिल
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस बैठक में कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी को भारत सरकार नेशनल डिजास्टर घोषित करे। इतनी बड़ी आपदा को केंद्र सरकार अबतक राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं कर रही है यह बात समझ से परे है। हम सभी को कोरोना वैश्विक महामारी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग करनी चाहिए। इस महामारी में जितने लोगों की जानें गई हैं उन्हें मुआवजा दे केंद्र सरकार। जो लोग जीवन बचाने के लिए जमीन-जायदाद, गहने बेचकर इलाज कराएं हैं उनके पास जीवन यापन के लिए 1 रुपए भी नहीं बचा है। उनका आने वाला भविष्य कैसे सुरक्षित हो यह चिंतनीय विषय है।
देश के सभी गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ केंद्र सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं सौतेला व्यवहार के भुक्तभोगी हैं। देश में गरीब, मजदूर, किसान एवं अल्पसंख्यक वर्ग विपक्ष की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहा है। ऐसे कमजोर वर्गों को उनका वाजिब हक दिलाना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। ऐसे वर्गों के लोगों को एकत्रित करके रखना बहुत ही जरूरी है।
इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोनिया गांधी को धन्यवाद दिया। हेमंत सोरेन ने कहा कि विपक्ष की बैठक निरंतर होनी चाहिए। विपक्षी दलों की बातचीत लगातार होती रहेगी तभी हम एकजुट होकर केंद्र सरकार की गलत नीतियों के साथ लड़ सकेंगे।
रिपोर्ट: मदन सिंह
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