पटना : खबर राजधानी पटना से आ रही है। सूबे के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच में इलाज कराने कुख्यात सोना लुटेरा सुबोध सिंह का दाहिना हाथ प्रिंस कुमार उर्फ अभिजीत कुमार सिपाहियों के सामने ही आसानी से हथकड़ी सहित फरार हो गया। यह घटना सोमवार की देर रात 12 बजे की है। इस मामले में पटना के डीआईजी सह एसएसपी राजीव कुमार मिश्रा ने आठ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। डीएसपी टाउन ने देर रात तक पीएमसीएच और आसपास के इलाकों का सीसीटीवी खंगाला। पटना के बेऊर जेल से इलाज करवाने को लेकर प्रिंस कुमार को पीएमसीएच लाया गया था। वैशाली जिले में लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट समेत कई कांड दर्ज है। फिलहाल प्रिंस की गिरफ्तारी के लिए पटना पुलिस ने वैशाली पुलिस से भी संपर्क साधा है और कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है।
इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा एसपी लॉ एंड ऑर्डर संजय कुमार को दिया गया है। इधर, प्रिंस कुमरा के भागने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मंच गया। उस पर सोना लूट, डकैती और हत्या जैसी दो दर्जन से अधिक संगीन मामले बिहार के अलग-अलग थानों और दूसरे राज्यों में दर्ज हैं। प्रिंस के भागने के बाद पुलिस की जांच की आंच जेल प्रशासन के अधिकारियों तक भी पहुंच गई है। प्रिंस को अस्पताल भेजने को लेकर जेल प्रशासन के अफसरों की भूमिका की जांच होगी।
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कुख्यात प्रिंस कुमार सहित 2 रुक गए थे अस्पताल में
बेऊर जेल से शनिवार को छह बंदी इलाज कराने पीएमसीएच आए थे। इनकी सुरक्षा में आठ पुलिसकर्मी तैनात थे। छह में से चार बंदी इलाज कराने के बाद वापस जेल चले गए थे। उनके साथ छह पुलिसकर्मी थे। दूसरी तरफ प्रिंस कुमार और एक अन्य बंदी को लेकर सिपाही सुबोध पासवान और रंजन पासवान पीएमसीएच में घूम रहे थे। रात के साढ़े 11 बजे प्रिंस ने खाना की बात कही तो दोनों सिपाही उसे लेकर भिखना पहाड़ी स्थित एक होटल में चले गए। उसी जगह से प्रिंस सिपाहियों को चकमा देकर फरार हो गए। जबकि उसके साथ मौजूद एक और बंदी वहीं था।
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चंदन कुमार तिवारी की रिपोर्ट
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