पटना : 16 अक्टूबर से चलने वाली भाकपा-माले की पदयात्रा के समापन के अवसर पर आज पटना के मिलर हाईस्कूल मैदान में बदलो बिहार न्याय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में राज्य के विभिन्न हिस्सों में निकाली गई पदयात्रा में शामिल पदयात्रियों की विशाल भागीदारी दिखी। मुख्य वक्ता के बतौर दीपंकर भट्टाचार्य न्याय सम्मेलन में शामिल हुए। उनके अलावा आज के न्याय सम्मेलन को काराकाट सांसद व अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव राजाराम सिंह, खेग्रामस महासचिव धीरेन्द्र झा, सत्यदेव राम, वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, गया जिला सचिव निरंजन कुुमार, जेएनयूएसयू के अध्यक्ष धनंजय, विधायक गोपाल रविदास, तरारी से माले प्रत्याशी राजू यादव, आरवाइए के राष्ट्रीय अध्यक्ष आफताब आलम, स्कीम वर्करों की नेता का. शशि यादव, संदीप सौरभ, भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता केडी यादव और जीविका कैडर संघ प्रदीप सिंह आदि नेताओं ने संबोधित किया।
स्वागत तथा कार्यक्रम का संचालन ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने किया। उन्होंने कहा कि आज न्याय की आवाज उठाने वाले लोगों पर लगातार हमले हो रहे हैं। नीतीश कुमार की हर घोषणा तबाही लाने वाली है। पदयात्रा का समापन हुआ है लेकिन आज संघर्ष की यात्रा को नई ऊर्जा मिली है। इसके बाद बिहार में न्याय की आवाज बुलंद होगी। मंच में वक्ताओं के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य, राज्य सचिव कुणाल, रामजी राय, मंजू प्रकाश, महबूब आलम, महानंद सिंह, अजीत कुशवाहा, अमरजीत कुशवाहा और रामबलि सिंह यादव सहित पार्टी के नेता-कार्यकर्ता उपस्थित थे। राजनीतिक प्रस्ताव का पाठ राज्य कमिटी सदस्य रणविजय कुमार ने की।
दीपंकर भट्टाचार्य का संबोधन दिल्ली-पटना की सरकार अहंकारी है, उसे जनता से कोई लेना-देना नहीं है। जिस समय बिहार में बांध टूटा पटना में नीतीश कुमार 2025 का चुनाव जीतने की रणनीति बना रहे थे। भूमि आयोग की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डालने वाले नीतीश कुमार भूमि सर्वे के जरिए गरीबों से जमीन छीनकर लैंड बैंक बनाना चाहते हैं ताकि उसे कंपनियों को दिया जा सके। आज हम यह कहने आए हैं कि जो जिस जमीन पर बसा है उसको पहले जमीन का पर्चा दो, तब भूमि सर्वे की बात करो। स्मार्ट मीटर केवल जनता की तबाही और बर्बादी का आलम नहीं है बल्कि एक संगठित भ्रष्टाचार की उपज है। आज नीतीश कुमार के अधिकारी जेल जा रहे हैं।
जहरीली शराब से सीवान में 70 लोग मर गए। किसी शराब माफिया को पकड़ा नहीं गया। जान भी गरीबों की जा रही है और जेल में भी उन्हें ही ठूंसा जा रहा है। न्याय यात्रा आन्दोलन में तब्दील हो गई। पीएम नरेंद्र मोदी ने गैस महंगा कर दिया और नीतीश जी बिजली महंगा कर रहे हैं। डबल इंजन खून दोनों तरफ से चूस रही है। गया में संजय मांझी का हाथ तलवार से काट दिया गया और जीतनराम मांझी ने सुध तक नहीं ली। बिहार की महिलाएं आंदोलन में हैं। नीतीश कहते थे कि बिहार में जीविका ने बिहार को सशक्त बनाया है और आज माइक्रोफाइनेंस को बढ़ावा देने के लिए जीविका को खत्म किया जा रहा है। एक्सप्रेस वे से टोल टैक्स वसूल होगा। नीतीश के किसी भी वादे को हम भूले नहीं हैं। बिहार के बच्चे स्कूल की बात कर रहे हैं तो भाजपा के लोग त्रिशूल की बात कर रहे हैं।
सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने न्याय के साथ विकास का नारा दे कर सत्ता संभाली थी। जाति सर्वेक्षण से यह बात सामने आई कि 36 प्रतिशत परिवारों की आमदनी छह हजार से कम है। यह समाजवादियों तथा वामपंथियों की धरती है। यहां भाजपा की दाल नहीं गलेगी। भाजपा देश के संसाधनों को अदाणी को दे रही है और नीतीश जी समर्थन दे रहे हैं। धीरेन्द्र झा ने कहा कि बिहार में चल रहे कई आंदोलनों ने न्याय यात्रा को जगह-जगह ज्ञापन दिया। यात्रा बिहार में छोटे छोटे आंदोलनों के लिए बड़ा प्लेटफार्म साबित हुई है। बिहार में जितने लोगों को भी पर्चे मिले वो सब लोग बेदखल हैं। गरीबों का आंदोलन बुलडोजर राज को ध्वस्त करेगा। मिथिलांचल में हजारों मिल बंद पड़े हैं। बाढ़ की तबाही तथा भूगोल दोनों बढ़ा है।
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सासंद सुदामा प्रसाद ने कृषि बजट का लाभ बटाईदारों को मिलने की बात उठाई। सब्सिडी की मांग की। कोरोना काल में छोटे मंझोले व्यापारियों की बर्बादी का सवाल उठाया। स्कीम वर्करों की नेता शशि यादव ने कहा कि गांव-गांव में हिंसा बढ़ गई है। महिलाओं के उपर हिंसा बढ़ी है। स्कीम वर्कर्स की बातें नहीं सुनी जा रही है। आशा, आंगनबाड़ी, रसोईया, डाटा एंट्री ऑपरेटर और सब लोग परेशान हैं। शराब माफियाओं की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। सत्यदेव राम ने कहा कि दिल्ली की सरकार वायदों से मुकर जा रही है। जबतक बिहार बदलेगा नहीं तबतक न्याय नहीं मिलेगा। हमारी एकता हो और हम 2025 में एनडीए की सरकार बिहार से उखाड़ फेंके।
बीरेंद्र गुप्ता ने भूमि आयोग की सिफारिशों को लागू करने का मुद्दा उठाया। कहा कि 19 सालों से डबल इंजन की सरकार बिहार के गरीबों के साथ धोखा कर रही है। बुल्डोजर की सरकार को बुलडोज करना होगा। जमीन सर्वे में पूरा राजस्व विभाग लूट में लगा हुआ है। संदीप सौरभ ने कहा कि न्याय की जरूरत बुनियादी जरूरत है। रोटी की तरह न्याय चहिए। स्मार्ट मीटर से जनता परेशान है और सरकार गुणगान कर रही है। समाजिक कल्याण पेंशन को बढ़ाने की जरूरत है। तीन हजार करना होगा, 400 से कुछ नहीं होगा। जेएनयूएसयू के अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि बिहार में शिक्षा को खत्म कर दिया गया है। सरकारी स्कूल को खत्म कर दिया गया है। विश्वविद्यालयों को आरएसएस की प्रयोगशाला बनाया जा रहा है। गोपाल रविदास ने कहा कि आरक्षण को 9वीं अनुसूची में सरकार को शामिल करना होगा और इसके प्रतिशत को बढ़ाना होगा।
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