रांची : शेल कंपनी और लीज आवंटन मामले में झारखंड हाईकोर्ट के
चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में सुनवाई हुई.
सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के वकील की ओर से कहा गया कि
शेल कंपनियों के मामले में उन्हें याचिका और शपथ पत्र की कॉपी नहीं मिली हैं.
इसलिए वे जवाब नहीं दे पाएंगे. नैसर्गिक न्याय और न्याय के हित के लिए यह जरूरी है कि
उन्हें याचिका और शपथ पत्र की प्रति उपलब्ध कराई जाए,
ताकि वह भी अपना पक्ष कोर्ट में रख सकें.
इसलिए उनकी ओर से अदालत से आग्रह किया गया कि कोर्ट इस मामले की सुनवाई अगली तिथि तक स्थगित कर दें.
प्रतिवादियों की सुविधा के अनुसार नहीं होगी सुनवाई- कोर्ट
हालांकि अदालत ने इस बात को लेकर कड़ी नाराजगी जताई कि शेल कंपनियों के मामले में सीएम की ओर से कोर्ट में पक्ष रखा गया था और उस दौरान यह नहीं बताया गया कि उन्हें याचिका की कॉपी नहीं मिली है. आज इस मामले में यह कहना कि उन्हें याचिका के कॉपी नहीं मिली है. यह बहुत ही गंभीर बात है. कोर्ट ने नाराजगी जताई कि हर बार इस मामले की सुनवाई को बाधित करने के लिए समय का आग्रह किया जाता है. कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि इस मामले में सुनवाई प्रतिवादियों की सुविधा के अनुसार नहीं होगी. जब वे चाहे तब समय की मांग करें और जब चाहे तब सुनवाई हो, ऐसा कोर्ट बर्दाश्त नहीं करेगी.
राज्य सरकार की तरफ से वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल और हेमंत सोरेन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा पक्ष रखा. जबकि ईडी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसवी राजू अपना पक्ष रखा. अब अगली सुनवाई 30 जून को होगी.
रिपोर्ट: प्रोजेश दास
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