दस्तावेज में दिव्यांग को किया मृत घोषित, कहा- अभी मैं जिंदा हूं हुजूर, लगाई न्याय की गुहार

औरंगाबाद : औरंगाबाद के मदनपुर से एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जो जिला प्रसासन की खानापूर्ति की पोल खोल कर रख दिया है। मामला एक दिव्यांग से जुड़ा हुआ है। जिसे सरकारी दस्तावेज में मृत घोषित कर दिया गया है। दिव्यांग ने जिला प्रसासन और बिहार सरकार से जांच की गुहार लगाई है। साथ ही कहा कि हुजूर अभी मैं जिंदा हूं।

गौरतलब है कि औरंगाबाद के मदनपुर में बिहार सरकार की सिस्टम की लापरवाही के कारण एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। यह खुलासा तब हुई जब ग्राम पंचायत पिरवां टेका बिगहा निवासी विजय यादव ने अपने 15 वर्षीय दिव्यांग पुत्री ऋतू कुमारी को जब बीते 27 अक्टूबर को मदनपुर में स्थित इंडियन बैंक से दिव्यांग पेंशन की राशी निकालने गए तो उनके बैंक खाते में कोई भी राशि नहीं थी। जिसके बाद उन्हों ने साइबर कैफे में ई-लाभार्थी पोर्टल पर जांच करवाया तो दिव्यांग किशोरी की पेंशन स्टॉप कर दिया गया था। जब उसके पिता ने स्टॉप का कारण जाना तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसमें लिखा गया है कि लाभार्थी ऋतु कुमार की मौत हो गई है। अब यह एक बड़ी सवाल है। आखिरकार इस जिंदा दिव्यांग किशोरी को मृत किसने घोषित कर दिया। वह कौन है ये तो जांच के बाद ही खुल कर सामने आएगा।

इधर, दिव्यांग किशोरी के पिता विजय यादव एवं मां शीला देवी ने बताया कि सबसे छोटी बेटी ऋतू कुमारी जो पैर, हाथ एवं कंठ से दिव्यांग है। जिसको पांच वर्ष पूर्व से ही पेंशन योजना का लाभ मिलता था। हम इधर डेढ़ वर्षों से पेंशन राशि को निकाल नहीं रहे थे। जिसे पिछले माह में पैसा निकालने गए उसमें केवल सात सौ रुपया राशि था। जब इसकी जांच करवाई तो पेंशन बंद पाया गया। बंद के कारण जाना तो सिस्टम ने उसे मृत घोषित कर दिया है। इस मामले को लेकर विजय यादव प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास गए तो वहां से बताया गया कि किसी आंगनबाड़ी सेविका कुंती देवी के द्वारा ऐसा रिपोर्ट किया गया है कि ऋतु कुमारी की मौत हो गई है।

लाभार्थी के पिता ने इस मामले को उच्च अधिकारियों से जांच करने की मांग किया है और दोषी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इधर, सेविका कुंती कुमारी ने बताया कि टेका बिगहा गांव हमारे क्षेत्र में नहीं है न हमने ऐसा किया है। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमुद रंजन से पूछे जाने बताया कि जानकारी नहीं है। यदि मृत घोषित किया गया है उसकी जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर जिला पार्षद सदस्य विकास कुमार एवं पंचायत के मुखिया जनेश्वर यादव ने कहा कि जिंदा को मृत घोषित करना हमलोग फिल्म में देखा करते थे। लेकिन आज वास्तविक में देख रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जिसने ऐसी घटना को अंजाम दिया है उन कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट

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