इजराइल ने आज 90 फिलिस्तीनी बंदियों को किया रिहा, आतिशबाजी शुरू

डिजिटल डेस्क :  इजराइल ने आज 90 फिलिस्तीनी बंदियों को किया रिहा, आतिशबाजी शुरू। बदले परिदृश्य में इजरालय और हमास के बीच गाजा में 15 महीने बाद युद्ध विराम के लागू होते ही तेजी से पूरा नजारा बदलता दिखा है। गाजा में हमास की कैद से रिहा हुए 3 इजराइली बंधकों की घर वापसी के कुछ घंटों बाद इजराइल ने भी आज सोमवार तड़के 90 फिलिस्तीनी बंदियों को रिहा कर दिया।

फिलिस्तीनी बंदियों को ले जाने वाली बड़ी सफेद बसें वेस्ट बैंक के रामल्लाह शहर के ठीक बाहर इजराइल की ओफर जेल से बाहर निकलीं। उसके बाद आतिशबाजी शुरू हो गई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, फलस्तीनियों की रिहाई के वक्त जेल के बाहर बड़ी संख्या में फलस्तीनी जमा हुए। उन्होंने जेल से रिहा होने वाले फलस्तीनियों का स्वागत किया। साथ ही उनको सफेद बसों से ले जाते वक्त आतिशबाजी की।

युद्धविराम के बाद इजरायल 2 हजार बंदियों को करेगा रिहा

इजराइल और हमास के बीच गाजा युद्धविराम समझौते के पहले चरण के हिस्से के रूप में निर्धारित अदला-बदली के समझौते के तहत इजराइल  लगभग 2,000 कैदियों को रिहा करेगा। इसके बदले में अगले छह हफ्तों में हमास द्वारा फिलिस्तीनी क्षेत्र में रखे गए 33 इजराइली बंधकों को धीरे-धीरे रिहा किया जाना तय हुआ है।

इस बीच आज सोमवार को रिहा किए जाने पर फिलिस्तीनियों की भीड़ नारे लगाते हुए बसों में उमड़ पड़ी। फिलिस्तीनी प्राधिकरण के कैदी मामलों के आयोग की लिस्ट के अनुसार, रिहा किए गए सभी लोग महिलाएं या नाबालिग थे।

इजराइल ने लिस्ट में शामिल सभी लोगों को देश की सुरक्षा से संबंधित अपराध, पत्थर फेंकने से लेकर हत्या के प्रयास जैसे अधिक गंभीर आरोपों के लिए हिरासत में लिया था। बता दें कि वेस्ट बैंक पर कब्जा करने वाली इजराइली सेना ने फिलिस्तीनियों को किसी भी प्रकार के सार्वजनिक उत्सव के खिलाफ बार-बार चेतावनी दी है।

गाजा में युद्धविराम की सांकेतिक तस्वीर
गाजा में युद्धविराम की सांकेतिक तस्वीर

रिहा होने वालों में फलस्तीन वामपंथी समूह की 62 वर्षीय खालिदा जर्रारा शामिल

बताया गया कि सोमवार को रिहा होने वालों में कई फलस्तीनी हस्तियां शामिल हैं। इसमें प्रमुख फलस्तीन वामपंथी समूह पॉपुलर फ्रंट फॉर लिबरेशन ऑफ फलस्तीन की प्रमुख 62 वर्षीय खालिदा जर्रारा शामिल हैं। उनको दिसंबर 2023 में हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा हमास अधिकारी सालेह अरोरी की बहन दलाल खासीब, नेता अहमद सआदत की पत्नी अबला अब्देल रसूल भी रिहा होने वालों में शामिल हैं।

रिहाई आधी रात को हुई। इसकी फिलीस्तीनियों ने माहौल खराब करने और भीड़ को कैदियों का घर पर स्वागत करने से रोकने के प्रयास के रूप में आलोचना की।

बता दें कि रिहा होने वाले बंदियों में सबसे प्रमुख 62 वर्षीय खालिदा जर्रार हैं, जो पॉपुलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन ऑफ फिलिस्तीन या पीएफएलपी की एक प्रमुख सदस्य हैं। यह एक धर्मनिरपेक्ष वामपंथी गुट है, जो 1970 के दशक में इजराइल के खिलाफ अपहरण और अन्य हमलों में शामिल था।

गाजा में युद्धविराम की सांकेतिक तस्वीर
गाजा में युद्धविराम की सांकेतिक तस्वीर

अक्तूबर 2023  में शुरू हुए इजरायल – हमास युद्ध में गईं हजारों की जानें…

बता दें कि 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के साथ शुरू इजरायल-हमास युद्ध में हजारों लोगों की जान चली गई। वहीं लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। इस संघर्ष के दौरान मिस्र, कतर, अमेरिका जैसे कई देशों ने दोनों देशों के बीच स्थिति समान्य करने का प्रयास किया। आखिरकार इजरायल ने 15 जनवरी को युद्ध विराम समझौता और बंधको की रिहाई पर सहमति जताई।

इससे पहले, नवंबर 2023 में एक सप्ताह के युद्ध विराम के दौरान भी 100 से ज्यादा बंधकों को रिहा किया गया था। इसके अलावा, इजरायल रक्षा बल के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हैगरी ने बताया कि यह तीन महिलाएं हमास की कैद से 471 दिनों के बाद वापस लौटी हैं और उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी गई।

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