आईटी अधिकारियों ने माना उपर के दबाव में की गयी छापेमारी-अनुप सिंह

Ranchi-38 घंटों की छापेमारी के बाद बेरमो विधायक अनुप सिंह उर्फ जयमंगल सिंह मीडिया के सामने आये. 38 घंटों की छापेमारी की पल-पल की जानकारी देते हुए अनुप सिंह ने कहा कि यह हमारी जिम्मेवारी है कि झारखंड की जनता को उन सभी सवालों का जवाब दें, जो उनके दिलों में उठ रहा है.

38 घंटों की छापेमारी के बाद सामने आयें अनुप सिंह

अनुप सिंह ने कहा कि इन 38 घंटों में मेरे तीन आवास पर छापेमारी की गयी, पटना आवास से एक रजिस्टर और 600 रुपया मिला, बेरमों आवास से मेरे मां के गहने मिले, जिसकी कीमत करीबन 11 लाख रुपये आंके गये हैं. जबकि इन गहनों की कीमत इतनी भी नहीं है. कीमत का आंकलन कुछ ज्यादा ही कर लिया गया. मेरे मां के दो लॉकरों की चाभी भी आईटी के लोग अपने साथ ले गये हैं.

मेरे बच्चों का फोन से उसका बैकअप लिया गया

तीसरा रेड रांची में मेरे आवास पर पड़ा. यहां मेरे बच्चों के फोन नंबर के बैकअप भी लिए गये. मेरी पत्नी की लॉकर का चाबी लिया गया. आवास से 91400 कैश भी बरामद हुआ है. नॉमिनेशन में जो जमीन के कागजात दिखाए गए हैं, उसकी भी जानकारी ली गई, घर से 6 पासपोर्ट मिले, साथ ही 10 लाख के गहने मिले हैं.

प्रायोजित खबरें चला कर मेरी छवि खराब की गई

अनुप सिंह ने कहा कि आईटी रेड के दौरान उनके साथ अच्छा व्यवहार किया गया, लेकिन इसको लेकर जो खबर चलायी गयी, उससे मेरी छवि धूमिल हुई. कई चैनलों में मेरी प्रतिदिन की आय एक करोड़ रुपये चलाई गयी. कुछ लोगों ने चलाया कि मेरी आय महेंद्र सिंह धोनी से भी ज्यादा हो गई हैं. इस तरह के भ्रामक खबरों से मेरे बच्चों को मानसिक आधात पहुंचा है. आयकर विभाग से मैं और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग करता हूं.

राजनीति से प्रेरित थी यह छापेमारी

अनुप सिंह ने इन 38 घंटों की छापेमारी को सरकार को बदनाम करने की साजिश बताया.

उन्होंने कहा कि जिन विधायकों के द्वारा सरकार को सपोर्ट किया जा रहा है,

छापेमारी कर उन्हे बदनाम करने की साजिश की जा रही है.

आईडी के अधिकारी भी मान रहे थें कि

उपर के दवाब में यह छापेमारी की जा रही है.

उन पर उपर से छापेमारी करने का दवाब है.

जिस अजय सिंह से लेकर मुझ पर आरोप लगाने की कोशिश की जा रही है,

उस अजय सिंह से मेरा कोई संबंध ही नहीं है. यह वही अजय सिंह हैं जिनके द्वारा

मेरा और मेरे पिता का चुनाव में विरोध किया गया था.

अजय सिंह मंदिर स्थित आवास को किराए पर दिया था
जब मैं जब चुनाव जीता तो उस मंदिर को कब्जा मुक्त करवाया.

भाजपा के भ्रष्ट विधायकों पर हाथ क्यों नहीं डालती आईटी ईडी की टीम


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