कट-ऑफ डेट की आड़ में युवाओं के साथ हो रहा अन्याय- जयराम महतो 

Hazaribagh: एनटीपीसी पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना को लेकर विस्थापित युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। युवा विस्थापित संघर्ष समिति के बैनर तले हजारीबाग-बड़कागांव मुख्य पथ पर तेरह माइल में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना को उस समय और बल मिला जब डुमरी विधायक जयराम महतो खुद धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया।

जयराम महतो ने कहा कि कट-ऑफ डेट की आड़ में युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने आंदोलनकारियों से मांगपत्र लेकर प्रशासन और खनन कंपनी से संवाद की बात की और आश्वासन दिया कि इनकी मांगों को वे राज्यपाल और संबंधित विभाग तक पहुंचाएंगे।

क्या है मामला? : विरोध कर रहे युवाओं की मांग है कि 2016 को कट-ऑफ डेट मानकर विस्थापन का लाभ केवल उन्हीं को दिया गया, जिनकी उस समय उम्र 18 वर्ष थी। लेकिन अब जब वर्ष 2025 में विस्थापन हो रहा है, तब कई ऐसे युवा जिनकी उम्र अब 25–26 वर्ष है, वह विस्थापन का लाभ पाने से वंचित रह गए हैं।

आंदोलनकारी युवाओं का सवाल है : “अगर हमें 18 साल की उम्र में वोट देने का अधिकार है, तो फिर हम विस्थापन लाभ के हकदार क्यों नहीं?” उनका कहना है कि कंपनी उन्हें ‘एकल परिवार’ का दर्जा भी नहीं देती। जिससे वे हर तरह के सामाजिक और आर्थिक लाभ से बाहर हो जाते हैं।

धरना में उठी मांगें:

  • कट-ऑफ डेट में बदलाव कर 2025 तक 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके सभी युवाओं को विस्थापन लाभ मिले
  • कंपनी द्वारा एकल परिवार के मानकों में संशोधन किया जाए
  • आंदोलनकारियों के साथ वार्ता कर समाधान की दिशा में ठोस पहल हो

डुमरी विधायक जयराम महतो ने इस मामले को न्याय का सवाल बताते हुए, इसे केवल स्थानीय मुद्दा नहीं बल्कि विस्थापितों के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन युवा अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है और सरकार को संवेदनशीलता से इसका हल निकालना चाहिए।

रिपोर्टः पीयूष पाण्डेय

Saffrn

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