Jamtara Hospital Controversy: जामताड़ा सदर अस्पताल में एक माँ और उसके नवजात शिशु की मौत से जुड़ा विवाद अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। अस्पताल में हुए हंगामे और तोड़-फोड़ के बाद, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी शनिवार को जामताड़ा पहुँचे। उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया, अधिकारियों से जानकारी ली और मामले में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
घटनाक्रम का जायज़ा
स्वास्थ्य मंत्री ने सदर अस्पताल का दौरा किया और डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों से पूरी घटना की जानकारी ली। तोड़-फोड़ और हंगामे की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, संवेदना व्यक्त की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
बीजेपी पर गंभीर आरोप
मीडिया से बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि अस्पताल में तोड़-फोड़ और हंगामा एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा था। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था और उनकी अपनी छवि को नुकसान पहुँचाने के मकसद से इस घटना को भड़काया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास घटना से जुड़े वीडियो मौजूद हैं।
मृतक के इलाज को लेकर मंत्री के दावे
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मृतक महिला का पहले धनबाद के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनके अनुसार, जामताड़ा सदर अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद, मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे धनबाद रेफर किया गया था; लेकिन परिवार वाले उसे एक निजी अस्पताल ले गए, जहाँ उसकी मौत हो गई। मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि बाद में हंगामा खड़ा करने के लिए शव को वापस सदर अस्पताल लाया गया।हालाँकि, ये दावे और आरोप केवल स्वास्थ्य मंत्री ने किए हैं; इनकी अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जाँच चल रही है।
तोड़-फोड़ के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि अस्पताल में तोड़-फोड़ के दौरान लगभग एक करोड़ रुपये की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया गया। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन को इसमें शामिल लोगों की पहचान करने और कानून के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
जाँच के बाद ही सामने आएगा पूरा सच
माँ और नवजात शिशु की मौत, अस्पताल में हंगामा और राजनीतिक आरोपों के आदान-प्रदान के बीच, यह मामला अब एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बीजेपी पर आरोप लगाए हैं, वहीं बीजेपी भी इस मामले की जांच की मांग कर रही है। ऐसे हालात में, घटना की असल सच्चाई तभी सामने आएगी जब पुलिस जांच और संबंधित जांच प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी।
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