Ranchi- पार्टी में रहते हुए गृह जिला नालंदा में सैंकड़ों बिगहा जमीन अर्जित करने के आरोपों के बीच पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के इस्तीफे पर पलटवार करते हुए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि
आरसीपी सिंह को जदयू का एबीसीडी का भी ज्ञान नहीं है.
कोई भी व्यक्ति पार्टी से त्याग पत्र देने को स्वतंत्र है.
लेकिन उनके द्वारा जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है,
वह आपत्तिजनक है, जो लोग जहाज को डुबाने वाले थे,
उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है.
ललन सिंह ने कहा कि आरसीपी सिंह की पहचान क्या थी,
जो भी पहचान बनी वह नीतीश कुमार के बदौलत ही बनी.
आरसीपी सिंह कभी भी संघर्ष के साथी नहीं रहे, वह तो सत्ता के साथी थे.
नीतीश कुमार ने उन्हे खुद इस्तीफा देकर जदयू का अध्यक्ष बनाया था.
पार्टी का एक ही मालिक है, जिसका नाम नीतीश कुमार है.
ललन सिंह ने कहा कि कुछ लोग एक षड्यंत्र के तहत पार्टी को कमजोर करने का कार्य कर रहे थे.
2020 में चिराग नाम का षड्यंत्र था, दूसरा षड्यंत्र करने वाले को अब किसी भी कीमत पर बख्सा जाएगा.
नीतीश कुमार की अगुवाई में हम पार्टी के खिलाफ हर षड्यंत्र को बेनकाब करेंगे.
ललन सिंह ने कहा कि आरसीपी सिंह को नीतीश कुमार के भुजा खाने पर आपत्ति है,
आरसीपी सिंह कहते हैं कि नीतीश कुमार ने विकास नहीं किया,
यदि नीतीश कुमार ने विकास नहीं किया तो आरसीपी सिंह ने क्या किया?
ललन सिंह ने कहा कि उनका इस्तीफा तो देना ही था,
तन जदयू और मन किसी और दल में कैसे चल सकता है.







