Jharkhand Board Exam:झारखंड में आठवीं बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए 5.29 लाख छात्रों ने आवेदन किया है। स्कूलों और परीक्षार्थियों की संख्या दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
Jharkhand Board Exam रांची:झारखंड में कक्षा आठवीं की बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 की आठवीं बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 5,29,368 परीक्षार्थियों ने फॉर्म जमा किया है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 11,345 अधिक है। वर्ष 2025 में 5,18,023 विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे।
इस बार न केवल परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ी है, बल्कि आठवीं तक की पढ़ाई कराने वाले स्कूलों की संख्या में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। राज्य भर के 16,138 स्कूलों से विद्यार्थियों ने परीक्षा फॉर्म भरा है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 15,795 स्कूलों की थी। यानी एक वर्ष में 343 स्कूलों की वृद्धि दर्ज की गई है।
Jharkhand Board Exam : ओएमआर शीट पर होगी आठवीं की परीक्षा
आठवीं बोर्ड परीक्षा इस वर्ष भी ओएमआर शीट के माध्यम से आयोजित की जाएगी। परीक्षा की तिथि और प्रवेश पत्र वितरण की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। जैक के अनुसार आठवीं की परीक्षा, मैट्रिक और इंटर की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद आयोजित की जाएगी। परीक्षा परिणाम मार्च के अंत तक जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
Key Highlights
आठवीं बोर्ड परीक्षा 2026 में 5.29 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने आवेदन किया
पिछले वर्ष की तुलना में 11,345 विद्यार्थियों की बढ़ोतरी
आठवीं तक के स्कूलों की संख्या में 343 का इजाफा
परीक्षा ओएमआर शीट पर आयोजित की जाएगी
गिरिडीह से सबसे अधिक और खूंटी से सबसे कम परीक्षार्थी
Jharkhand Board Exam : जिलावार आंकड़ों में गिरिडीह सबसे आगे
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो गिरिडीह जिला आठवीं बोर्ड परीक्षा में सबसे आगे है। गिरिडीह से लगभग 50 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। पिछले वर्ष की तुलना में यहां करीब तीन हजार परीक्षार्थियों की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, खूंटी से सबसे कम लगभग 7,780 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। राज्य के तीन जिलों खूंटी, सिमडेगा और लोहरदगा में 10 हजार से कम परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
Jharkhand Board Exam : स्कूलों की संख्या बढ़ने से शिक्षा का दायरा विस्तृत
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार आठवीं तक की पढ़ाई कराने वाले स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी से शिक्षा का दायरा और मजबूत हुआ है। नए स्कूलों के जुड़ने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों की परीक्षा में भागीदारी बढ़ी है, जो राज्य में प्राथमिक और मध्य शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम संकेत माना जा रहा है।
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