Jharkhand Education News: JTET रांची: विसंगति पर Para Teachers के मानदेय कटौती मामले में Legal Opinion फिर से मांगी गई झारखंड में जेटेट विसंगति के आधार पर करीब 2000 पारा शिक्षकों के मानदेय में कटौती पर शिक्षा परियोजना ने महाधिवक्ता से दोबारा कानूनी राय मांगी।
Jharkhand Education News रांची: झारखंड में जेटेट विसंगति के आधार पर सहायक अध्यापक पारा शिक्षकों के मानदेय में की गई कटौती के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। झारखंड शिक्षा परियोजना ने एक बार फिर झारखंड महाधिवक्ता कार्यालय से कानूनी परामर्श मांगा है। इसके लिए महाधिवक्ता को प्रस्ताव भेजा गया है।
राज्य में करीब 2000 सहायक अध्यापकों के मानदेय में जनवरी महीने से चार से छह हजार रुपये तक की कटौती की गई है।
Key Highlights
• जेटेट विसंगति पर 2000 पारा शिक्षकों के मानदेय में कटौती
• जनवरी से चार से छह हजार रुपये तक की कमी
• नियुक्ति कक्षा और जेटेट स्तर में अंतर बना विवाद का कारण
• शिक्षा परियोजना ने महाधिवक्ता से दोबारा मांगी कानूनी राय
• निर्णय के बाद तय होगा मानदेय बहाल होगा या कटौती जारी रहेगी
Jharkhand Education News: क्या है पूरा मामला
परियोजना ने दिसंबर 2025 में जिलों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया था कि कक्षा एक से पांच में नियुक्त शिक्षक के लिए कक्षा एक से पांच का जेटेट पास होना अनिवार्य है। इसी तरह कक्षा छह से आठ में नियुक्त शिक्षक को छह से आठ का जेटेट उत्तीर्ण होना जरूरी बताया गया था।
निर्देश दिया गया था कि जेटेट सफल होने पर मिलने वाली मानदेय वृद्धि उसी नियुक्ति श्रेणी के अनुसार दी जाएगी।
राज्य में ऐसे लगभग 2000 पारा शिक्षक हैं, जिनकी नियुक्ति और जेटेट उत्तीर्ण स्तर में अंतर है। उदाहरण के तौर पर कुछ शिक्षक कक्षा एक से पांच में नियुक्त हैं, लेकिन उन्होंने जेटेट छह से आठ स्तर का पास किया है। वहीं कुछ शिक्षक छह से आठ में नियुक्त हैं, पर जेटेट एक से पांच का पास किया है।
Jharkhand Education News: जनवरी से पहले क्या थी व्यवस्था
जनवरी से पहले तक जेटेट पास सभी शिक्षकों को बढ़ा हुआ मानदेय मिल रहा था, भले ही उन्होंने अपनी नियुक्ति कक्षा के अनुरूप जेटेट पास नहीं किया हो।
दिसंबर 2025 के पत्र के बाद जिलों ने मानदेय में कटौती शुरू कर दी, जिसके तहत कई शिक्षकों की मासिक राशि में चार से छह हजार रुपये तक की कमी आई।
Jharkhand Education News: अब महाधिवक्ता की राय पर टिकी निगाहें
मानदेय कटौती को लेकर शिक्षकों में असंतोष है। इस बीच शिक्षा परियोजना ने दूसरी बार महाधिवक्ता कार्यालय से कानूनी राय मांगी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वेतन कटौती जारी रखी जाए या पूर्व की तरह बढ़ा हुआ मानदेय बहाल किया जाए।
अब महाधिवक्ता की राय के बाद ही इस संवेदनशील मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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