पेसा नियमावली लागू करने में देरी पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त। सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा गया। बालू और खनिज पट्टों पर लगी रोक बरकरार।
Jharkhand High Court ने लगाया सवाल: राज्य में PESA नियमावली कब लागू होगी
Jharkhand High Court ने पूछा रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम यानी PESA Act 1996 के तहत नियमावली लागू करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। अदालत में इस मामले में दायर अवमानना याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि नियमावली लागू करने में इतना समय क्यों लग रहा है।
खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह शपथ पत्र के माध्यम से स्पष्ट बताए कि PESA नियमावली लागू कब की जाएगी।
Key Highlights
पेसा नियमावली लागू करने में देरी पर अवमानना याचिका पर सुनवाई
हाइकोर्ट ने राज्य सरकार से शपथ पत्र में स्पष्ट जवाब मांगा
बालू घाटों और लघु खनिज आवंटन पर रोक जारी रहेगी
राज्य सरकार ने नियमावली लागू करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा
अगली सुनवाई 18 दिसंबर को तय
Jharkhand High Court ने पूछा : बालू घाट और लघु खनिजों के आवंटन पर रोक जारी
अदालत ने पहले से जारी अंतरिम आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य में:
बालू घाटों के आवंटन
लघु खनिज पट्टा देने
पर लगी रोक यथावत रखने का आदेश दिया।
यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक नियमावली लागू होने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होती।
Jharkhand High Court ने पूछा : सरकार ने मांगा और समय, अधिवक्ताओं ने जताई आपत्ति
राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा और नियमावली लागू करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया।
वहीं, याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार और अधिवक्ता तान्या सिंह ने कहा कि:
राज्य सरकार के शपथ पत्र में कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई गई है
न ही यह बताया गया है कि नियमावली किस चरण में है
उनका कहना था कि न्यायालय के आदेश के बावजूद सरकार गंभीर नहीं दिख रही।
Jharkhand High Court ने पूछा : क्या है मामला?
1996 में केंद्र ने PESA Act लागू किया था
छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और अन्य राज्यों में नियम लागू हैं
लेकिन झारखंड में गठन के बाद से अब तक नियमावली अधिसूचित नहीं हुई
2019 और 2023 में ड्राफ्ट तैयार हुआ, लेकिन लागू नहीं किया गया
हाईकोर्ट ने 29 जुलाई 2024 को आदेश दिया था कि नियमावली दो माह में लागू की जाए
Jharkhand High Court ने पूछा: अगली सुनवाई 18 दिसंबर को
खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी और तब तक राज्य सरकार को विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट और लागू करने की ठोस योजना प्रस्तुत करनी होगी।
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