रांची के पूर्व डीसी और 2011 बैच के आईएएस राय महिमापत रे पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप। एसीबी ने पीई दर्ज कर जांच शुरू की। रे वर्तमान में विश्व बैंक में पदस्थ हैं।
Jharkhand IAS Officer Corruption Case: रांची: झारखंड कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी और रांची के पूर्व उपायुक्त राय महिमापत रे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रारंभिक जांच (Preliminary Enquiry) शुरू कर दी है।
मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद एसीबी ने पीई संख्या 2/25 दर्ज कर जांच प्रारंभ की है। आरोप है कि रांची में डीसी के रूप में कार्यकाल (फरवरी 2018 से जुलाई 2020) के दौरान राय महिमापत रे ने अपनी वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित की।
वर्तमान में रे विश्व बैंक (World Bank) में सीनियर डिजिटल डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। एसीबी ने जांच की जिम्मेदारी डीएसपी संतोष कुमार को सौंपी है।
Key Highlights:
रांची के पूर्व डीसी राय महिमापत रे पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप।
एसीबी (Anti-Corruption Bureau) ने दर्ज की पीई संख्या 2/25 और जांच शुरू की।
जांच की अनुमति मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग से मिली।
राय महिमापत रे वर्तमान में विश्व बैंक में सीनियर डिजिटल डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट हैं।
अनुसंधान पदाधिकारी डीएसपी संतोष कुमार को बनाया गया है।
एसीबी ने परिवहन विभाग से रे और उनके परिवार के नाम पर दर्ज वाहनों की जानकारी मांगी।
Jharkhand IAS Officer Corruption Case:
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने परिवहन विभाग को पत्र भेजकर राय महिमापत रे, उनकी पत्नी, मां और दो बच्चों के नाम पर पंजीकृत सभी वाहनों की जानकारी मांगी है। इसके साथ ही रांची में उनके कार्यकाल के दौरान अर्जित चल-अचल संपत्तियों का मूल्यांकन करने की तैयारी की जा रही है।
यह मामला राज्य के प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि राय महिमापत रे को एक सख्त और तकनीकी रूप से सक्षम अधिकारी के रूप में जाना जाता है। अब एसीबी की जांच यह तय करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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