झारखंड में बारिश की कमी के बावजूद खरीफ सीजन में 12.52 लाख हेक्टेयर में धान की खेती पूरी हो चुकी है। पलामू और गढ़वा में स्थिति चिंताजनक है।
Jharkhand Kharif 2026 रांची: झारखंड में खरीफ सीजन 2026-27 के दौरान बारिश की कमी के बावजूद किसानों ने धान की रोपाई में तेजी दिखाई है। कृषि निदेशालय की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में अब तक 12.52 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य 18.04 लाख हेक्टेयर का 69.44 प्रतिशत है।
कुल क्षेत्र में 2.14 लाख हेक्टेयर में धान की सीधी बुआई हुई है, जबकि 10.38 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई पूरी हो चुकी है। कृषि विभाग के अनुसार अगले करीब 15 दिनों तक राज्य में धान की रोपाई का काम जारी रहने की संभावना है।
राज्य के ज्यादातर जिले सूखे की स्थिति से बाहर आ गये हैं। हालांकि पलामू और गढ़वा में अभी भी खेती की स्थिति बेहतर नहीं है। सरकार इन दोनों जिलों की स्थिति पर विशेष नजर रख रही है।
Key Highlights
झारखंड में 12.52 लाख हेक्टेयर में धान की खेती पूरी
धान की बुआई और रोपाई कुल लक्ष्य का 69.44 प्रतिशत
जुलाई में सामान्य से 68 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गयी
संताल परगना में करीब 77 प्रतिशत धान की रोपाई पूरी
पलामू और गढ़वा में खेती की स्थिति अभी भी चिंताजनक
Jharkhand Kharif 2026:जुलाई में सामान्य से 68 प्रतिशत कम बारिश
झारखंड में जुलाई महीने के दौरान बारिश की स्थिति काफी कमजोर रही। सामान्य तौर पर जुलाई में 319.4 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस साल केवल 102.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी। यह सामान्य बारिश का करीब 32 प्रतिशत है।
अगस्त की शुरुआत में भी बारिश का औसत कम रहा है। इसके बावजूद किसानों ने उपलब्ध नमी और बारिश के आधार पर धान की रोपाई जारी रखी है। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के अनुसार पलामू और गढ़वा में सरकार अल्पकालीन और दीर्घकालीन योजनाओं पर काम कर रही है। किसानों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी कही गयी है।
प्रभारी मौसम केंद्र, रांची के अभिषेक आनंद ने बताया कि सामान्य से कम बारिश का असर झारखंड समेत देश के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। हालांकि अगस्त में अच्छी बारिश होने का अनुमान है, जिससे खरीफ फसलों को राहत मिल सकती है।
Jharkhand Kharif 2026:मक्का और दलहन की बुआई भी बेहतर
धान के अलावा अन्य खरीफ फसलों की बुआई भी जारी है। कृषि निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार मक्के की बुआई लक्ष्य के 76.01 प्रतिशत क्षेत्र में हो चुकी है। दलहन का कवरेज 75.37 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
वहीं तेलहन की बुआई अभी लक्ष्य के करीब 40 प्रतिशत क्षेत्र तक ही पहुंच पायी है। मोटे अनाज का कवरेज 56.53 प्रतिशत रहा है।
प्रमंडलवार आंकड़ों में संताल परगना धान की रोपाई के मामले में सबसे आगे है। यहां निर्धारित लक्ष्य के करीब 77 प्रतिशत क्षेत्र में धान की रोपाई हो चुकी है। छोटानागपुर में 5.67 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 4.07 लाख हेक्टेयर, पलामू में 1.37 लाख के मुकाबले 0.41 लाख, उत्तर छोटानागपुर में 3.36 लाख के मुकाबले 1.78 लाख और संताल परगना में 3.64 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले 2.75 लाख हेक्टेयर में धान लगाया जा चुका है।
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