Jharkhand News: सूचना आयुक्त नियुक्ति की फाइल राज्यपाल ने दूसरी बार लौटाई

 झारखंड में सूचना आयुक्त नियुक्ति की फाइल राज्यपाल संतोष गंगवार ने दूसरी बार सरकार को लौटा दी। मुकदमा दर्ज नामों पर आपत्ति जताते हुए विधिक राय के बाद फैसला लिया।


Jharkhand News रांची: झारखंड में सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar ने सूचना आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित फाइल बिना स्वीकृति के दूसरी बार राज्य सरकार को वापस लौटा दी है।

इस बार राज्यपाल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जिन व्यक्तियों पर मुकदमा दर्ज हो, वे सूचना आयुक्त जैसे संवैधानिक पद पर कैसे नियुक्त हो सकते हैं। विधिक राय लेने के बाद यह निर्णय लिया गया।

Jharkhand News: इन नामों पर जताई गई आपत्ति

राज्य सरकार ने सूचना आयुक्त पद के लिए चार नामों की अनुशंसा की थी। इनमें वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा, अमूल्य नीरज खलखो, तनुज खत्री और शिवपूजन पाठक शामिल थे।

राज्यपाल ने विशेष रूप से अमूल्य नीरज खलखो और तनुज खत्री के नामों पर आपत्ति जताई। अमूल्य नीरज खलखो पर पांच मुकदमे दर्ज बताए गए हैं, जबकि तनुज खत्री पर एक मामला दर्ज है।

पहले चरण में राज्यपाल ने राजनीतिक संबंधों और संबंधित अधिनियम का हवाला देते हुए फाइल वापस की थी। इसके बाद सरकार ने इन्हें समाजसेवी बताते हुए पुनः स्वीकृति के लिए फाइल भेजी।


Key Highlights:

• राज्यपाल ने सूचना आयुक्त नियुक्ति की फाइल दूसरी बार लौटाई

• अमूल्य नीरज खलखो और तनुज खत्री के नामों पर आपत्ति

• अमूल्य पर 5 और तनुज पर 1 मुकदमा दर्ज होने का मामला

• सरकार ने इन्हें समाजसेवी बताकर दोबारा भेजी थी फाइल

• अब चयन समिति फिर बैठक कर नए नामों पर विचार कर सकती है


Jharkhand News: 20 अप्रैल को दोबारा भेजी गई थी फाइल

सूचना आयुक्त नियुक्ति का मामला Jharkhand High Court में भी विचाराधीन है। सरकार ने शीघ्र नियुक्ति का आश्वासन दिया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में 25 मार्च 2026 को चयन समिति की बैठक हुई।

इस समिति में नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi और सदस्य हफीजुल हसन भी शामिल थे। समिति की अनुशंसा के बाद अगले ही दिन फाइल राज्यपाल की स्वीकृति के लिए लोकभवन भेजी गई।

राज्यपाल ने समीक्षा और विधिक राय लेने के बाद 10 अप्रैल 2026 को पहली बार फाइल आपत्ति के साथ लौटा दी। इसके बाद 20 अप्रैल को वही नाम दोबारा भेजे गए, लेकिन 22 अप्रैल को फिर आपत्ति के साथ फाइल वापस कर दी गई।

Jharkhand News: अब आगे क्या हो सकता है

राज्यपाल द्वारा दूसरी बार फाइल लौटाने के बाद अब चयन समिति फिर से बैठक कर आपत्तियों की समीक्षा कर सकती है। समिति नए नामों पर विचार कर सरकार के माध्यम से फिर फाइल स्वीकृति के लिए भेज सकती है।

यदि सरकार पुराने नामों पर ही कायम रहती है, तो उसे राज्यपाल की आपत्तियों का लिखित कानूनी और तार्किक जवाब देना होगा। नियमानुसार तीसरी बार फाइल भेजे जाने पर राज्यपाल स्वीकृति दे सकते हैं, लेकिन यदि आपत्तियां गंभीर हुईं तो मामला अदालत तक भी जा सकता है।

Jharkhand News: अमूल्य बोले, सभी मामलों से बरी हो चुका हूं

अमूल्य नीरज खलखो ने कहा है कि उन पर दर्ज सभी मामले आंदोलन के दौरान राजनीति से प्रेरित थे। उनके अनुसार वर्ष 2006 से 2008 के बीच चुटिया, कोतवाली, अनगड़ा और डोरंडा थाना में कुल पांच मामले दर्ज हुए थे, लेकिन वे सभी मामलों से बरी हो चुके हैं।

वहीं तनुज खत्री पर वर्ष 2017 में रांची विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष रहते हुए रजिस्ट्रार के पीए के साथ दुर्व्यवहार के मामले में कोतवाली थाना में केस दर्ज हुआ था। हालांकि उसकी अद्यतन स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।


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