असम चुनाव के बाद झारखंड में JMM और कांग्रेस के बीच तनाव बढ़ा, सरयू राय ने बिना कांग्रेस नई सरकार बनाने का सुझाव दिया।
Jharkhand Politics रांची: असम चुनाव में झामुमो की सक्रियता के बाद झारखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है। सत्ताधारी गठबंधन के भीतर ही अब मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। झामुमो और कांग्रेस के बीच जुबानी टकराव ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है, वहीं जदयू विधायक सरयू राय के बयान ने इस विवाद को नई दिशा दे दी है।
Jharkhand Politics:झामुमो और कांग्रेस के बीच बढ़ी तल्खी
असम चुनाव में झामुमो के उतरने के बाद गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ रिश्तों में खटास साफ दिखने लगी है। झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उसकी तुलना विषैले सांप से कर दी।
इसके जवाब में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू ने भी पलटवार करते हुए राज्य सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कई मोर्चों पर विफल रही है, जिससे गठबंधन के भीतर असहजता और बढ़ गई है।
Key Highlights:
असम चुनाव के बाद झारखंड में JMM और कांग्रेस के बीच तनाव बढ़ा
सुप्रियो भट्टाचार्य और के. राजू के बीच जुबानी जंग तेज
सरयू राय ने बिना कांग्रेस नई सरकार बनाने का सुझाव दिया
झामुमो के पास 40 विधायकों का संभावित समर्थन, बहुमत से एक कम
असम चुनाव का असर झारखंड की राजनीति पर भी दिखने लगा
Jharkhand Politics:सरयू राय का नया राजनीतिक फॉर्मूला
इस बीच जदयू विधायक सरयू राय ने एक वैकल्पिक राजनीतिक समीकरण सुझाकर सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है। उन्होंने कहा कि झामुमो को कांग्रेस और भाजपा से अलग होकर नई सरकार बनाने पर विचार करना चाहिए।
राय के मुताबिक, झामुमो के पास 34 विधायक हैं और उसे राजद के 4 तथा भाकपा माले के 2 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इस तरह कुल संख्या 40 होती है, जबकि बहुमत के लिए 41 विधायकों की जरूरत होती है। ऐसे में उन्होंने खुद बिना शर्त समर्थन देने की पेशकश की है।
Jharkhand Politics:कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
सरयू राय ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने असम चुनाव में झामुमो को उचित भागीदारी नहीं दी, जैसा कि पहले बिहार चुनाव में भी देखा गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि झामुमो को नए राजनीतिक विकल्पों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
साथ ही, उन्होंने कांग्रेस प्रभारी के. राजू के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें राज्य के अफसरों पर माइनिंग माफिया के दबाव में काम करने का आरोप लगाया गया था। राय के अनुसार, यह बयान सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाता है।
Jharkhand Politics:असम चुनाव का झारखंड पर असर
सरयू राय ने यह भी संकेत दिया कि असम में झामुमो के चुनाव लड़ने से भाजपा को टी-ट्राइब वोट बैंक में नुकसान हो सकता है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।
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