Jharkhand Scam Alert: बोकारो के बाद हजारीबाग में 15.41 करोड़ की अवैध निकासी, वित्तीय गड़बड़ी का बड़ा खुलासा

 झारखंड में हजारीबाग से 15.41 करोड़ की अवैध निकासी का मामला, बोकारो के बाद दूसरा बड़ा खुलासा, सभी 33 ट्रेजरी की जांच होगी।


Jharkhand Scam Alert रांची: झारखंड में सरकारी खजाने से अवैध निकासी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बोकारो में 3.15 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के बाद अब हजारीबाग से 15.41 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का बड़ा मामला उजागर हुआ है। इस खुलासे के बाद राज्य सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि दो जिलों में गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आई है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चर्चा कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

Jharkhand Scam Alert: सभी 33 ट्रेजरी की होगी जांच

सरकार ने राज्य की सभी 33 जिला ट्रेजरी और सब-ट्रेजरी से होने वाली निकासी की जांच कराने का निर्णय लिया है।

वित्त विभाग के अनुसार, कई जगह तय वेतन से अधिक भुगतान किया गया और बिना उचित सत्यापन के राशि निकाल ली गई। विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इस तरह की वित्तीय अराजकता पर तत्काल रोक लगाई जाए।


Key Highlights

  • हजारीबाग में 15.41 करोड़ की अवैध निकासी का खुलासा

  • बोकारो के बाद दूसरा बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया

  • झारखंड की सभी 33 ट्रेजरी की जांच के आदेश

  • 11 साल से वेतन मद में चल रही थी हेराफेरी

  • तीन कर्मियों से पूछताछ, चार सदस्यीय जांच टीम गठित


Jharkhand Scam Alert: कैसे हुई गड़बड़ी, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

प्रारंभिक जांच में कई गंभीर लापरवाही और अनियमितताएं सामने आई हैं—

  • सेवानिवृत्त या कार्यरत नहीं रहने वाले कर्मियों को भी वेतन भुगतान
  • भुगतान से पहले वेतन निर्धारण की जांच नहीं
  • एक ही मोबाइल नंबर पर बिल क्लर्क और निकासी पदाधिकारी का OTP
  • कार्यालय के पंजी का मिलान किए बिना भुगतान

इन खामियों के कारण लंबे समय तक फर्जी निकासी होती रही और सिस्टम में गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई।

Jharkhand Scam Alert: हजारीबाग में 11 साल से चल रही थी हेराफेरी

हजारीबाग में पुलिस विभाग के वेतन मद से जुड़े इस घोटाले में 11 वर्षों से गड़बड़ी चल रही थी।

इस मामले में तीन कर्मियों—शंभु, धीरेंद्र और पंकज—से पूछताछ की जा रही है। जांच के बाद वित्त विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए सभी विभाग प्रमुखों, प्रमंडलीय आयुक्तों और उपायुक्तों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

जांच को निष्पक्ष और व्यापक बनाने के लिए उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित की है। इसमें अपर समाहर्ता संतोष कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम ने जिला कोषागार की फाइलों की गहन जांच शुरू कर दी है।

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