झारखंड सरकार 2026-27 सत्र से अनाथ व दिव्यांग छात्रों की ट्यूशन फीस देगी, वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना 1 मई से शुरू, जानें पात्रता और नियम।
Jharkhand Scholarship Scheme रांची: झारखंड सरकार ने उच्च और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे अनाथ और दिव्यांग छात्रों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य सरकार इन छात्रों की ट्यूशन फीस का खर्च उठाएगी। इसके लिए एक मई से ‘वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना’ शुरू की जा रही है, जिसके तहत छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
यह योजना उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की है, जिसमें समाज कल्याण एवं महिला बाल विकास विभाग और कल्याण विभाग भी सहयोग करेंगे। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और विशेष परिस्थितियों वाले छात्रों को उच्च शिक्षा में सहायता देना है।
Jharkhand Scholarship Scheme: कितनी मिलेगी सहायता और किन खर्चों को कवर करेगी योजना
इस योजना के तहत राज्य सरकार एक वर्ष में अधिकतम 10 लाख रुपये तक की ट्यूशन फीस वहन करेगी। यदि किसी कोर्स की फीस इससे अधिक होती है, तो अतिरिक्त राशि छात्रों को खुद वहन करनी होगी।
हालांकि हॉस्टल, भोजन और अन्य शैक्षणिक खर्च इस योजना में शामिल नहीं हैं, इन्हें छात्रों को स्वयं उठाना होगा।
Key Highlights
2026-27 सत्र से अनाथ और दिव्यांग छात्रों की ट्यूशन फीस देगी सरकार
‘वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना’ 1 मई से होगी लागू
प्रति वर्ष अधिकतम 10 लाख रुपये तक की फीस सहायता
हॉस्टल और अन्य खर्च योजना में शामिल नहीं
पात्र छात्रों की संख्या पर कोई सीमा तय नहीं
Jharkhand Scholarship Scheme: कौन होंगे पात्र: अनाथ और दिव्यांग की परिभाषा
सरकार के अनुसार, जिन छात्रों के माता-पिता का निधन उनकी 18 वर्ष की आयु से पहले हो चुका है, उन्हें अनाथ माना जाएगा। इसके लिए वैध और सत्यापित दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा।
दिव्यांग छात्रों के लिए ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016’ के तहत कम से कम 40 प्रतिशत बेंचमार्क दिव्यांगता जरूरी है। साथ ही, ऐसे छात्रों के पास यूडीआईडी कार्ड होना अनिवार्य होगा।
Jharkhand Scholarship Scheme: पात्रता, संस्थान और आवेदन की शर्तें
इस योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो झारखंड के स्थानीय निवासी हैं या जिन्होंने राज्य के मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की है।
छात्रवृत्ति पाने के लिए झारखंड के किसी मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थान में नामांकन होना जरूरी है। यदि छात्र राज्य के बाहर पढ़ाई कर रहे हैं, तो संबंधित संस्थान देश की ओवरऑल रैंकिंग में टॉप 200 में होना चाहिए। वहीं इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट और फार्मेसी जैसे कोर्स के लिए संस्थान टॉप 100 में होना अनिवार्य है।
छात्रों को हर वर्ष योजना का लाभ जारी रखने के लिए पिछली परीक्षा की मार्कशीट और अगले क्लास में नामांकन का प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा।
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