
झारखंड में अंत्योदय अन्न योजना के 8.81 लाख कार्डधारकों को 32 माह से चीनी नहीं मिली है। बाजार भाव 58 रुपये किलो पहुंचने से सरकारी खरीद अटक गई है।
Jharkhand Sugar Scheme रांची: झारखंड में अंत्योदय अन्न योजना के लाखों लाभुक पिछले 32 माह से चीनी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। राज्य के 8,81,211 अंत्योदय राशन कार्डधारकों के 33,65,282 सदस्यों को लंबे समय से चीनी नहीं मिल रही है। खाद्य आपूर्ति निदेशालय ने चीनी की खरीद के लिए दो बार टेंडर निकाला, लेकिन कीमत को लेकर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
अब नए सिरे से टेंडर निकालने की तैयारी भी मुश्किल में पड़ गई है। पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ने के कारण राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत बढ़ने का असर सरकारी खरीद पर पड़ा है। वर्तमान में बाजार में चीनी करीब 58 रुपये प्रति किलो बिक रही है, जबकि खाद्य आपूर्ति विभाग ने खरीद के लिए 19.75 रुपये प्रति किलो की दर निर्धारित की थी।
Jharkhand Sugar Scheme:दो बार टेंडर के बाद भी नहीं हो सकी चीनी की खरीद
चीनी खरीदने के लिए पहली बार टेंडर निकाला गया था। इसमें एक कंपनी ने 25 रुपये प्रति किलो की दर कोट की थी। बाद में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत बढ़ने के कारण कंपनी ने आपूर्ति से पीछे हटने का फैसला किया। इसके बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।
इसके बाद विभाग ने दोबारा टेंडर निकाला, लेकिन निर्धारित कम दर के कारण कोई कंपनी आपूर्ति के लिए आगे नहीं आई। विभाग के सामने अब बाजार कीमत और सरकारी खरीद दर के बीच बड़ा अंतर चुनौती बना हुआ है।
Key Highlights
- झारखंड के 8,81,211 अंत्योदय कार्डधारक चीनी से वंचित हैं।
- इन कार्डधारकों के 33,65,282 सदस्यों को 32 माह से चीनी नहीं मिली है।
- बाजार में चीनी की कीमत करीब 58 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।
- विभाग ने सरकारी खरीद के लिए 19.75 रुपये प्रति किलो की दर निर्धारित की थी।
- केंद्र की सहायता बंद होने के बाद राज्य सरकार के निर्णय पर योजना का भविष्य निर्भर है।
Jharkhand Sugar Scheme:पहले 27 रुपये किलो मिलती थी एक किलो चीनी
अंत्योदय अन्न योजना के प्रत्येक कार्डधारी को हर महीने 27 रुपये प्रति किलो की दर से एक किलो चीनी मिलती थी। इसमें केंद्र सरकार की ओर से प्रति किलो 18.50 रुपये की सहायता दी जाती थी।
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक अंत्योदय अन्न योजना के लाभुकों को चीनी उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी थी। फरवरी 2024 में केंद्र ने स्पष्ट किया था कि यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2026 तक ही लागू रहेगी।
केंद्रीय सहायता की व्यवस्था समाप्त होने के बाद राज्य सरकार की ओर से चीनी खरीद को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब योजना को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को अपने स्तर पर निर्णय लेना होगा।
Jharkhand Sugar Scheme:रांची में सबसे अधिक 1.01 लाख अंत्योदय कार्डधारक
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार रांची में सबसे अधिक 1,01,631 अंत्योदय राशन कार्डधारी हैं। पश्चिमी सिंहभूम में 94,617, गिरिडीह में 67,689, पूर्वी सिंहभूम में 53,065 और हजारीबाग में 53,252 कार्डधारी हैं।
पलामू में 44,820, दुमका में 47,199, साहिबगंज में 39,637 और सरायकेला में 32,421 अंत्योदय कार्डधारी हैं।
केंद्र सरकार की सहायता मार्च 2026 के बाद जारी नहीं रहने से अब गरीब परिवारों को दोबारा चीनी मिलने की संभावना राज्य सरकार के फैसले पर निर्भर है। सरकार की नजर बाजार में चीनी की कीमत पर भी है। कीमत में पर्याप्त कमी आने पर ही राज्य सरकार खरीद के लिए आगे बढ़ सकती है। फिलहाल बाजार भाव और सरकारी खरीद दर के बीच बड़ा अंतर होने के कारण तत्काल खरीद की संभावना कम नजर आ रही है।




