
JSSC CGL पेपर लीक और अनियमितता मामले में CID की SIT ने जांच तेज कर दी है। कोडरमा के दो युवकों से पूछताछ और 8 सफल अभ्यर्थियों को नोटिस दिया गया है।
JSSC CGL Paper Leak रांची: जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितता की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी कोडरमा के डोमचांच थाना क्षेत्र से दो युवकों को पूछताछ के लिए रांची लेकर आई है। इनमें राजेश प्रसाद यादव और संदीप कुमार शामिल हैं। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी, अभ्यर्थियों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर दोनों पर परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को अनुचित मदद पहुंचाने का संदेह है।
हालांकि, सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि दोनों युवकों को न तो हिरासत में लिया गया है और न ही औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है। महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टीकरण लेने के लिए ही उन्हें रांची बुलाया गया है।
JSSC CGL Paper Leak: कोडरमा के 8 सफल अभ्यर्थी भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान कोडरमा जिले के करीब आठ सफल अभ्यर्थियों के नाम भी सीआईडी की जांच के दायरे में आए हैं। इन अभ्यर्थियों को सीआईडी ने नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए रांची बुलाया है।
जांच एजेंसी पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी और अभ्यर्थियों के बयानों का मिलान कर रही है। इसके साथ उपलब्ध दस्तावेजों और परीक्षा से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। जांच में यदि किसी अभ्यर्थी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
Key Highlights
- JSSC CGL कथित पेपर लीक मामले में CID की SIT ने जांच तेज की।
- कोडरमा के डोमचांच से राजेश प्रसाद यादव और संदीप कुमार को रांची लाया गया।
- CID के अनुसार दोनों की गिरफ्तारी या हिरासत नहीं हुई है।
- कोडरमा के करीब 8 सफल अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए नोटिस दिया गया है।
- जांच में पूर्व आरोपियों के बयान, अभ्यर्थियों के बयान और दस्तावेजों को आधार बनाया जा रहा है।
JSSC CGL Paper Leak: तीन किरदारों से सामने आया भर्ती नेटवर्क का कनेक्शन
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों में भर्ती परीक्षा से जुड़े नेटवर्क के तीन प्रमुख किरदारों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
रामबीर सिंह ने सीआईडी को बताया कि उसने 2005 में यूपी दारोगा भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा पास की थी, लेकिन मुख्य परीक्षा में असफल रहा। नौकरी नहीं मिलने के बाद उसने 2010 में टीडीपीएल कंपनी बनाई। 2013-14 में मो. तारिक के इस्तीफे के बाद रामबीर और सत्यपाल सिंह कंपनी चलाते रहे।
2022-23 में दिल्ली में रामबीर की मुलाकात सैंटी उर्फ लालू प्रसाद से हुई। सैंटी ने उसकी मुलाकात अभय तिवारी से कराई। अभय के बुलावे पर रामबीर झारखंड आया और 2023 में जेएसएससी का इम्पेनलमेंट टेंडर हासिल किया।
दूसरी ओर, मो. उस्मान ने सीआईडी को बताया कि वह 2010 से 2016 तक मेगासॉफ्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम में टेक्निकल सपोर्ट इंजीनियर रहा। 2017 में उसने हेमंत कुमार वर्मा के साथ लखनऊ में पीकर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड बनाई। 2020 में हेमंत के जरिए उसकी मुलाकात टीडीपीएल के निदेशक रामबीर से हुई।
रामबीर ने उसे यूपी विधानसभा की आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा के आवेदन और एडमिट कार्ड जनरेशन का काम दिया था। इसके बाद यूपी की तर्ज पर झारखंड में भी कथित फर्जीवाड़े के लिए पोर्टल तैयार कराने की बात जांच में सामने आई है।
JSSC CGL Paper Leak: श्वेता गुप्ता की जमानत पर फैसला 15 सितंबर को
इधर, जेपीएससी नियुक्ति गड़बड़ी मामले में जेल में बंद पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता की जमानत याचिका पर शुक्रवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई।
दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत 15 सितंबर को अपना आदेश सुनाएगी।




