रांची: बालासोर जिले में शुक्रवार की शाम को हुए रेल हादसे में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. हादसे में लगभग 1000 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें कई लोगों की हालत गंभीर है.
इस घटना के पश्चात झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदेश दिए कि रांची डीसी राहुल कुमार सिन्हा, श्रम सचिव राजेश शर्मा, सदर अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अजीत कुमार और दूसरे अधिकारियों को बालासोर भेजा जाए. उन्होंने झारखंड के लोगों और घायलों को पहचानने के लिए बालासोर मेडिकल कॉलेज में जुटने के निर्देश दिए हैं.
इस दुर्घटना के सम्बंध में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी एक बयान जारी किया है और बताया है कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने मामले की जांच शुरू कर दी है. हादसे के कारण का पता लग गया है और जिम्मेदार लोगों की पहचान भी की गई है. उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण यह दुर्घटना हुई है. वर्तमान में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान दुर्घटनास्थल पर मौजूद हैं और मरम्मत कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं. उन्होंने श्रमिकों के मनोबल को बढ़ाने के लिए प्रयास किए हैं.
वैष्णव ने बताया कि काम तेजी से चल रहा है और उनका लक्ष्य बुधवार सुबह तक बहाली का काम पूरा करना है ताकि इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू हो सके. उन्होंने बताया कि कल रात एक ट्रैक का काम लगभग पूरा हो गया है और आज एक ट्रैक की पूरी मरम्मत होने की कोशिश की जाएगी.
सभी डिब्बों को हटा दिया गया है और शवों को निकाल लिया गया है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि मरम्मत का काम लगभग पूरा हो गया है और रेलवे की टीम ने पूरी रात मेहनत की है। अब मृतकों की पहचान कर कानूनी प्रक्रिया के बाद उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाने का काम जारी है.
घटना कोलकाता-चेन्नई मेन लाइन पर हुई है और इसके परिणामस्वरूप कई ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं, कुछ ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और कुछ ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये का मुआवजा घोषित किया है और घायल लोगों के लिए 1 लाख रुपये की मदद की घोषणा की है.


