झारखंड में वित्त विभाग ने 2000 से अब तक सभी 33 कोषागारों की जांच की सिफारिश की। बोकारो-हजारीबाग घोटाले के बाद हाई लेवल कमेटी बनेगी।
Jharkhand Treasury Audit रांची: झारखंड में ट्रेजरी घोटाले के खुलासे के बाद सरकार ने बड़ा और व्यापक कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। वित्त विभाग ने राज्य गठन वर्ष 2000 से अब तक संचालित सभी 33 कोषागारों की गहन जांच कराने की अनुशंसा की है। इस निर्णय को प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
Jharkhand Treasury Audit:33 कोषागारों की जांच से खुलेंगे पुराने राज
वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2000 से अब तक राज्य के सभी कोषागारों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं अन्य जिलों में भी बोकारो और हजारीबाग जैसी अनियमितताएं तो नहीं हुई हैं।
इस जांच के जरिए पिछले वर्षों में हुई वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता, भुगतान प्रक्रिया और सिस्टम की विश्वसनीयता का मूल्यांकन किया जाएगा।
Jharkhand Treasury Audit:हाई लेवल कमेटी करेगी निगरानी
इस व्यापक जांच के लिए वरीय आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है। कमेटी में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महालेखाकार के वित्तीय विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
कमेटी न केवल घोटाले की जांच करेगी, बल्कि ट्रेजरी सिस्टम में मौजूद तकनीकी और प्रशासनिक खामियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के उपाय भी सुझाएगी।
Key Highlights
वर्ष 2000 से अब तक सभी 33 कोषागारों की जांच की सिफारिश
बोकारो और हजारीबाग घोटाले के बाद बड़ा प्रशासनिक फैसला
हाई लेवल कमेटी करेगी जांच और निगरानी
फर्जी निकासी के तरीकों और सिस्टम खामियों की होगी पहचान
CID को आरोपियों की संपत्ति और अपराध की जांच का प्रस्ताव
Jharkhand Treasury Audit:फर्जी निकासी के तरीकों पर फोकस, CID को जांच की जिम्मेदारी
जांच के दौरान फर्जी निकासी में इस्तेमाल किए गए तरीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें पोर्टल में छेड़छाड़, फर्जी पे-आईडी बनाना, बैंक खाता संख्या में बदलाव जैसी प्रक्रियाओं की गहन पड़ताल की जाएगी।
वहीं, घोटाले में शामिल आरोपियों की संपत्ति और आपराधिक गतिविधियों की जांच के लिए सीआईडी को एजेंसी के रूप में नामित करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
Jharkhand Treasury Audit:बोकारो-हजारीबाग में स्पेशल ऑडिट, पलामू में नहीं मिली गड़बड़ी
वित्त विभाग ने महालेखाकार से बोकारो और हजारीबाग में सामने आई गड़बड़ियों को देखते हुए तत्काल स्पेशल ऑडिट कराने का अनुरोध किया है।
हालांकि पलामू जिले में वेतन की फर्जी निकासी की आशंका जांच में सही साबित नहीं हुई है। वहां फिलहाल कोई अनियमितता नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर जांच जारी रखी गई है।
Highlights







