चुनाव आयोग ने झारखंड समेत 16 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की घोषणा की है। झारखंड में प्रक्रिया 20 जून से शुरू होकर 7 अक्टूबर तक चलेगी।
Jharkhand Voter List Revision रांची: Election Commission of India ने देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इसके तहत झारखंड समेत 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण कराया जाएगा। झारखंड में यह प्रक्रिया 20 जून से शुरू होगी और 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने बताया कि 29 जुलाई तक बूथ स्तरीय अधिकारी यानी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
Jharkhand Voter List Revision: घर-घर जाकर होगा मतदाताओं का सत्यापन
निर्वाचन आयोग के अनुसार इस अभियान के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर मतदाताओं के घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। मतदाता सूची में नाम, पता और अन्य जानकारियों का सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।
झारखंड के अलावा 15 अन्य राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में भी यह विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। आयोग के मुताबिक पूरी प्रक्रिया 23 दिसंबर तक चलेगी।
Key Highlights
झारखंड में 20 जून से शुरू होगा विशेष मतदाता पुनरीक्षण
29 जुलाई तक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे बीएलओ
7 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
देशभर में 36.73 करोड़ मतदाताओं का होगा सत्यापन
3.94 लाख बूथस्तरीय अधिकारी अभियान में होंगे शामिल
Jharkhand Voter List Revision: 36 करोड़ से अधिक मतदाताओं का होगा सत्यापन
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इस अभियान के तहत देशभर में 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए 3.94 लाख से अधिक बूथस्तरीय अधिकारियों को लगाया गया है। वहीं राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 3.42 लाख बूथ स्तरीय एजेंट भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
आयोग ने बताया कि तीसरे चरण का कार्यक्रम वर्तमान जनगणना में मकानों की गिनती के कार्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि दोनों प्रक्रियाओं में समन्वय बना रहे।
Jharkhand Voter List Revision: 7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
झारखंड में पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन और दावों-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
निर्वाचन विभाग ने लोगों से अपील की है कि बीएलओ के सत्यापन कार्य में सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और त्रुटिरहित बन सके।
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