झारखंड में तापमान उतार-चढ़ाव जारी है। सुबह-शाम ठंड और दिन में गर्मी का असर बढ़ा। रांची में न्यूनतम तापमान बढ़ा, 23 नवंबर से बादल छाने की संभावना।
Jharkhand Weather Update रांची: झारखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। राज्य के ज्यादातर जिलों में सुबह और शाम की ठंड महसूस की जा रही है, जबकि दिन में तेज धूप के कारण गर्माहट बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक सुबह में हल्का कोहरा छा सकता है और दिन का मौसम शुष्क रहेगा। 23 नवंबर से आकाश में बादल बनने के आसार हैं, जिससे तापमान में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है।
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चिकित्सकों ने तापमान के इस उतार-चढ़ाव को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया है। उनका कहना है कि सुबह ठंड और दिन की गर्मी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करती है, जिससे वायरल संक्रमण, सर्दी-खांसी और श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
राजधानी रांची में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री और न्यूनतम 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मेदिनीनगर में अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री और न्यूनतम 12.5 डिग्री रहा। राज्य में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसके विपरीत, गुमला में सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस रहा। सबसे अधिक तापमान चाईबासा में 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
Key Highlights
झारखंड में सुबह-शाम ठंड और दिन में धूप से गर्मी का असर
23 नवंबर से बादल छाने की संभावना, मौसम रहेगा शुष्क
रांची का न्यूनतम तापमान 13.2 और चाईबासा का अधिकतम 30 डिग्री
चिकित्सकों ने तापमान उतार-चढ़ाव को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया
कृषि वैज्ञानिकों ने धान कटाई और रबी फसलों की तैयारी पर सलाह जारी
टमाटर फसल में लेट ब्लाइट का खतरा बढ़ा
Jharkhand Weather Update: किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों को मौसम के बदलते रुख को देखते हुए जरूरी सलाह दी है। धान की तैयार फसल की तुरंत कटाई शुरू करने और उसे दो से तीन दिनों तक खेत में सुखाने की सलाह दी गई है। इसके बाद ही थ्रेसिंग और भंडारण किया जाए। भंडारण से पहले अनाज को अच्छी धूप में सुखाना जरूरी बताया गया है।
Jharkhand Weather Update:
जहां खरीफ फसल की कटाई पूरी हो चुकी है, वहां समय से बोई जाने वाली गेहूं के लिए खेतों की तैयारी शुरू करने की बात कही गई है। रोपाई की गई गोभी में तीन सप्ताह के अंकुरण चरण पर निकाई-गुड़ाई और प्रति एकड़ 55 किलो यूरिया डालने की सलाह दी गई है। इसके बाद सिंचाई करने की आवश्यकता बताई गई है। इसके अतिरिक्त, न्यूनतम तापमान में गिरावट और कोहरे की स्थिति के कारण टमाटर फसल में लेट ब्लाइट रोग का खतरा बढ़ सकता है, जिस पर किसानों को नजर रखने की सलाह है।
झारखंड में मौसम का यह उतार-चढ़ाव फिलहाल जारी रहने की संभावना है। लोग स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और किसान फसलों में होने वाले संभावित बदलाव के अनुसार तैयारी करते रहें।
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