रांची में जिउतिया व्रत की तैयारियां पूरी हैं। 3 अक्टूबर को महिलाएं निर्जला उपवास रखेंगी। 4 अक्टूबर को सुबह 7:38 बजे के बाद पारण होगा।
Jitiya Vrat 2026 रांची: संतान की लंबी आयु, सुख और समृद्धि की कामना के लिए माताएं जिउतिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत करती हैं। इस वर्ष जिउतिया व्रत 3 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखकर भगवान जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना करेंगी। शाम को पूजा के बाद जिउतिया व्रत की कथा सुनी जाएगी। व्रत का पारण 4 अक्टूबर को सुबह 7:38 बजे के बाद किया जाएगा।
मिथिला पंचांग के अनुसार इस वर्ष नवमी तिथि का क्षय होने के कारण 4 अक्टूबर को ही नवमी तिथि मान्य होगी। इसी दिन मातृ नवमी का श्राद्ध भी किया जाएगा।
Jitiya Vrat 2026:3 अक्टूबर को निर्जला व्रत, शाम को होगी पूजा
मिथिला पंचांग के अनुसार 3 अक्टूबर को सुबह 10:23 बजे तक सप्तमी तिथि रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी, जो 4 अक्टूबर की सुबह 7:38 बजे तक रहेगी। जिउतिया व्रत के दिन माताएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखेंगी।
दिनभर उपवास के बाद शाम को भगवान जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद व्रत की कथा सुनी जाएगी। संतान की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए महिलाएं भगवान जीमूतवाहन से प्रार्थना करेंगी।
नवमी तिथि नहीं मिलने के कारण 4 अक्टूबर को मातृ नवमी का श्राद्ध किया जाएगा। अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद सुबह 7:38 बजे के पश्चात व्रती महिलाएं पारण करेंगी।
Key Highlights
- 3 अक्टूबर को मनाया जाएगा जिउतिया व्रत।
- माताएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखेंगी।
- शाम को भगवान जीमूतवाहन की पूजा और व्रत कथा होगी।
- 4 अक्टूबर को सुबह 7:38 बजे के बाद व्रत का पारण होगा।
- रांची में जिउतिया की सामग्री और सब्जियों के दाम में तेजी देखी गई।
Jitiya Vrat 2026:रांची के बाजार में जिउतिया की खरीदारी तेज
जिउतिया को लेकर रांची के बाजारों में शुक्रवार को काफी चहल-पहल रही। पूजन सामग्री की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ देखी गई। महिलाओं ने व्रत और पूजा के लिए जरूरी सामग्री की खरीदारी की। शहर के कई स्थानों पर जिउतिया गुथवाने का काम भी चलता रहा।
व्रत से एक दिन पहले महिलाएं स्नान-ध्यान करेंगी। इसके बाद पितरों को तेल, खल्ली आदि अर्पित कर उनका आशीर्वाद लेंगी। पूजा-अर्चना के बाद व्रत निर्विघ्न संपन्न होने की कामना की जाएगी।
इस दिन मड़ुआ की रोटी, नोनी का साग और सतपुतिया की सब्जी सहित कई पारंपरिक पकवान ग्रहण करने की परंपरा है। मैथिली समाज की कई महिलाएं जिउतिया के अवसर पर मछली बनाकर ग्रहण करने की परंपरा भी निभाती हैं। रात में शेष रहने से पहले ओठगन की परंपरा निभाई जाएगी।
Jitiya Vrat 2026:सतपुतिया 200 रुपये किलो तक, नोनी साग के दाम भी बढ़े
जिउतिया व्रत को लेकर बाजार में पूजा और खान-पान से जुड़ी सामग्री की मांग बढ़ गई है। सतपुतिया 160 से 200 रुपये किलो तक बिकी। वहीं नोनी का साग 25 से 40 रुपये पाव की दर से बिका।
महुआ का आटा 20 से 25 रुपये पाव, खीरा चलानी 15 से 20 रुपये और लोकल खीरा 20 से 25 रुपये पाव की दर से बिका। पत्ता एक से दो रुपये प्रति पीस की दर से उपलब्ध रहा। जिउतिया को लेकर अन्य साग-सब्जियों की बिक्री भी बढ़ी और कई सामानों की कीमतों में तेजी देखने को मिली।


















