Bihar Road Projects, पटना: बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए राज्य सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने समीक्षा बैठक की। गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से आवागमन आसान होगा और व्यापार, पर्यटन तथा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
पटना-पूर्णिया और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे समेत कई परियोजनाओं की समीक्षा
समीक्षा बैठक में बिहार की कई प्रमुख सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर चर्चा हुई। इनमें पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेनिंग, दरभंगा-सुपौल हाईवे और खगड़िया-पूर्णिया सड़क परियोजना शामिल हैं। इसके अलावा अनीसाबाद-दीदारगंज खंड में सर्विस रोड के साथ छह लेन एलिवेटेड रोड, दानापुर-बिहटा कॉरिडोर, बिहटा-कोइलवर अपग्रेडेशन, आमस-दरभंगा, मुंगेर-मिर्जाचौकी और बाकरपुर-मानिकपुर-साहेबगंज कॉरिडोर की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बैठक में सीवान-मशरख, पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर, छह लेन गंगा पुल और पटना रिंग रोड सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने और क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया।
NH-139 और NH-333 को फोरलेन करने के लिए बनेगी DPR
बैठक के दौरान औरंगाबाद और अंबा बाईपास के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग-139 को फोरलेन बनाने की योजना पर आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग-333 के बरियारपुर-गंगटा-जमुई खंड को फोरलेन करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने को कहा गया। इन प्रस्तावों के आगे बढ़ने से संबंधित क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर करने की दिशा में काम किया जा सकेगा। हालांकि, परियोजनाओं के निर्माण और पूरा होने की समय-सीमा के बारे में विज्ञप्ति में अलग से जानकारी नहीं दी गई है।

सड़क निर्माण में गुणवत्ता पर समझौता नहीं, AI से होगी निगरानी
बैठक में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही गई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित मानकों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्धारित मानकों के अनुरूप काम नहीं करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूरी कराने और निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए।

बिहार की गाद नीति को नितिन गडकरी ने बताया उपयोगी पहल
बैठक में बिहार सरकार की गाद नीति भी चर्चा का विषय रही। इस नीति के तहत नदियों से निकाली जाने वाली गाद यानी सिल्ट का उपयोग सड़क निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों में करने की व्यवस्था की गई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे दूसरे राज्यों के लिए भी मॉडल बनने की संभावना वाला कदम बताया। गाद के उपयोग से उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल बढ़ाने और निर्माण लागत कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बिहार में सड़क परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराने में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: संतोष तिवारी, स्वतंत्र पत्रकार


















