JSSC Score Card Controversy: सहायक आचार्य परीक्षा 2023 में Normalization और Result पर उठे सवाल

JSSC Score Card Controversy: जेएसएससी ने सहायक आचार्य परीक्षा 2023 का स्कोर कार्ड जारी किया। अनुपस्थित दिखाने, रिजल्ट में नाम न होने और नॉर्मलाइजेशन पर अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल।


JSSC Score Card Controversy रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने झारखंड राज्य प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित स्नातक एवं इंटरमीडिएट सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 का स्कोर कार्ड जारी कर दिया है। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से अपना स्कोर कार्ड डाउनलोड कर रहे हैं, लेकिन परिणाम जारी होने के साथ ही कई विसंगतियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

JSSC Score Card Controversy:  पेपर चार में अनुपस्थित दिखाने पर विवाद

स्नातक प्रशिक्षित आचार्य पद की अभ्यर्थी कुमारी सारो के स्कोर कार्ड में पेपर चार में उन्हें अनुपस्थित दर्शाया गया है। अभ्यर्थी का दावा है कि उन्होंने चारों पेपर की परीक्षा दी थी। उनके प्रवेश पत्र पर परीक्षा कक्ष के वीक्षक के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं। इसके बावजूद अनुपस्थित दिखाए जाने से उन्होंने आयोग से जांच कर सुधार की मांग की है। इस मामले ने परीक्षा प्रबंधन की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।


Key Highlights

  1. जेएसएससी ने सहायक आचार्य परीक्षा 2023 का स्कोर कार्ड जारी किया

  2. पेपर चार में अनुपस्थित दिखाने को लेकर अभ्यर्थियों की शिकायत

  3. क्वालिफाइड उम्मीदवार का नाम अंतिम सूची में नहीं

  4. नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर तकनीकी त्रुटि का आरोप

  5. अभ्यर्थियों ने परिणाम में सुधार की मांग की


JSSC Score Card Controversy: क्वालिफाइड होने के बावजूद अंतिम सूची में नाम नहीं

एक अन्य अभ्यर्थी संतोष कुमार के स्कोर कार्ड में गणित एवं विज्ञान विषय में उन्हें क्वालिफाइड दिखाया गया है, लेकिन अंतिम परिणाम सूची में उनका नाम शामिल नहीं है। इस विसंगति से अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। चयन प्रक्रिया में स्पष्टता और पारदर्शिता को लेकर आयोग पर दबाव बढ़ रहा है।

JSSC Score Card Controversy: नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

अभ्यर्थी बहादुर महतो, सुकेश कुमार, संजीव कुमार और सावित्री हेंब्रम सहित कई उम्मीदवारों का कहना है कि पेपर चार में उनके मूल अंक 70 से 90 के बीच हैं, जबकि स्कोर कार्ड में नॉर्मलाइज्ड अंक तीन, बारह या पंद्रह जैसे बेहद कम दर्शाए गए हैं। अभ्यर्थियों ने इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए परिणाम में सुधार की मांग की है।

उम्मीदवारों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र त्रुटियों का निराकरण नहीं किया गया तो वे सामूहिक रूप से आयोग के समक्ष औपचारिक आपत्ति दर्ज कराएंगे। फिलहाल सभी की नजर आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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