कैमूर : कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड के करजांव गांव के रहने वाले नीतीश कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा में 771वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) बनने का गौरव हासिल किया है। मात्र 23 वर्ष की उम्र में इतनी बड़ी सफलता से जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। मसूरी देहरादून में तीन माह की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद जब नीतीश गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने बैंड-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया। गांव की गलियों में लोग उन्हें फूल-माला पहनाते रहे और आशीर्वाद देते नजर आए। भभुआ मुख्यालय पहुंचने पर भी लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
नीतीश के पिता विदेशी राम BSF में हवलदार पद पर कश्मीर में तैनात हैं
नीतीश के पिता विदेशी राम बीएसएफ में हवलदार पद पर कश्मीर में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार का जन्म पांच अगस्त 2002 को करजांव गांव में हुआ था। तीन भाई-बहनों में नीतीश दूसरे नंबर पर हैं। उनका बड़ा भाई भी दिल्ली में सिविल सेवा की तैयारी कर रहा है। नीतीश की पढ़ाई भभुआ के रोज वर्ल्ड स्कूल से शुरू हुई। मैट्रिक डीएवी रतवार से 2018 में, आईएससी चिल्ड्रेन गार्डन भभुआ से 2020 में, और बीए ऑनर्स बीएचयू वाराणसी से 2023 में पूरा किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के मुखर्जी नगर में सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और 2024-25 की परीक्षा में हिस्सा लिया, जिसके 2025 में आए परिणाम में उन्हें 771वीं रैंक मिली।
नीतीश कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और बड़े भाई को दिया
नीतीश कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और बड़े भाई को दिया। उन्होंने कहा कि उनके भईया ने हमेशा पढ़ाई का तरीका समझाया और सही दिशा दिखाई। यही वजह है कि वे सिविल सेवा परीक्षा में सफल हो सके। उन्होंने बताया कि आगे की ट्रेनिंग के बाद स्पष्ट होगा कि उन्हें कौन सा पद मिलेगा। नीतीश की सफलता से परिवार, गांव और जिले में खुशी का माहौल है। लोग इसे कैमूर की बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।
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ओम प्रकाश तिवारी की रिपोर्ट
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