Hazaribagh: मुठभेड़ में मारे गए तीन हार्डकोर नक्सली का जानिए आपराधिक इतिहास, पूर्व सीएम के भाई और बेटे की भी कर दी थी हत्या

Hazaribagh: झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर के संयुक्त अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। राज्य के हजारीबाग जिले के गोरहर थाना क्षेत्र के पांतीतरी जंगल में शनिवार देर रात चली मुठभेड़ में भाकपा (माओवादी) के तीन शीर्ष नक्सली कमांडर मारे गए। मारे गए नक्सलियों में संगठन के केंद्रीय समिति सदस्य सहदेव सोरेन उर्फ प्रयाग दा, सैक सदस्य रघुनाथ हेम्ब्रम उर्फ शिबू मांझी तथा जोनल कमांडर बिरसेन गंझू शामिल हैं। तीनों उग्रवादियों पर झारखंड सरकार ने क्रमशः 1 करोड़, 25 लाख एवं 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

Hazaribagh: मुठभेड़ में तीनों हुए ढेर

हजारीबाग पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि तीनों वांछित नक्सली किसी बड़ी वारदात की योजना के तहत पांतीतरी जंगल में छिपे हुए हैं। सूचना के सत्यापन के बाद हजारीबाग पुलिस और कोबरा-209 बटालियन की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में घेराबंदी की। इसी दौरान नक्सलियों ने पुलिस बल पर अंधाधुंध फायरिंग और ग्रेनेड से हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में तीनों शीर्ष नक्सली मारे गए।

मुठभेड़ के दौरान कोबरा बटालियन के दो जवान ग्रेनेड स्प्लिंटर लगने से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए मेदांता अस्पताल, रांची में भर्ती कराया गया है। दोनों जवान खतरे से बाहर बताए गए हैं।

Hazaribagh: साल 2025 में अब तक 29 नक्सली मारे गए

झारखंड में 01 जनवरी 2025 से अब तक चल रहे लगातार अभियानों के तहत अब तक कुल 29 नक्सलियों को मार गिराया गया है, जिसमें भाकपा (माओवादी) के 21, टीएसपीसी के 2, जेजेपीएम के 5 और पीएलएफआई के 1 नक्सली शामिल हैं। साथ ही 20 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और 16 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

Hazaribagh: मारे गए नक्सलियों का लंबा आपराधिक इतिहास

सहदेव सोरेन उर्फ प्रयाग दा: भाकपा माओवादी की केन्द्रीय समिति का सदस्य था और 1990 से नक्सली गतिविधियों में संलिप्त था। इस पर झारखंड सरकार ने 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। गिरिडीह, हजारीबाग, बोकारो, जमुई, मुंगेर, लखीसराय और बांका जिलों में इसकी गतिविधियाँ सक्रिय थीं। इसके विरुद्ध कुल 30 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। सहदेव सोरेन पर झारखंड के पूर्व सीएम और मौजूदा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के भाई और बेटे की हत्या को अंजाम देने का भी आरोप है।

रघुनाथ हेम्ब्रम उर्फ शिबू मांझी: 1993 में एमसीसीआई में शामिल हुआ और बाद में भाकपा (माओवादी) में शामिल हो गया। इस पर 25 लाख का इनाम था। इसके विरुद्ध 58 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें बम विस्फोट, पुलिस कैंप पर हमला और रेल पुलिस कर्मियों की हत्या जैसी घटनाएं शामिल हैं।

बिरसेन गंझू उर्फ खेलावन: संगठन का जोनल कमांडर था और इस पर ₹10 लाख का इनाम था। इसके विरुद्ध 36 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह 1995 से संगठन में सक्रिय था।

Hazaribagh: बरामद हथियार और सामग्री

  • मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार व आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई, जिसमें शामिल हैं-
  • AK-47 रायफल: 03
  • AK-47 के जीवित राउंड: 63
  • मैगजीन: 06
  • टैब, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नक्सली पर्चे, नकद राशि, ग्रेनेड के स्प्लिंटर आदि

Hazaribagh: निरंतर अभियान में मारे जा रहे नक्सली

वहीं झारखंड पुलिस, जगुआर, सीआरपीएफ, कोबरा-209 आदि के संयुक्त बलों के निरंतर अभियान के कारण भाकपा माओवादी के शिर्ष नेता सहदेव सोरेन के दस्ते के साथ उग्रवादी दिनांक-22.01.25., 21.04.25, 16. 07.25 में मुठभेड़ हुआ था, जिसमें कुल 11 नक्सलियों को मार गिराने की सफलता मिली है। इसमें से प्रयाग मांझी सीसीएम (01 करोड़ का ईनामी) भी शामिल है, इनकी विवरणी निम्न प्रकार है-

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