पटना : नए साल में पहली बार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो और बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव दिल्ली से पटना पहुंच गए। उनके पटना आगमन के साथ ही सियासी गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जैसे ही उनके आने की सूचना मिली बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता और समर्थक एयरपोर्ट और उनके आवास के आसपास जुटने लगे। समर्थकों ने नारेबाजी कर अपने नेता का स्वागत किया। लालू यादव के साथ उनकी बड़ी बेटी व लोकसभा सांसद मीसा भारती भी मौजूद थी।
लालू यादव पिछले कुछ समय से दिल्ली में थे, जहां वे इलाज और निजी कारणों से रह रहे थे
आपको बता दें कि लालू प्रसाद यादव पिछले कुछ समय से दिल्ली में थे, जहां वे इलाज और निजी कारणों से रह रहे थे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते वे लंबे समय तक बिहार की सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लेकिन अब उनके पटना लौटने को पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है। राजद नेताओं का कहना है कि लालू यादव का अनुभव और मार्गदर्शन पार्टी के लिए आज भी सबसे बड़ी ताकत है।

पटना पहुंचने के बाद लालू यादव सीधे अपने आवास पहुंचे
दरअसल, पटना पहुंचने के बाद लालू यादव सीधे अपने आवास पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। राजद के कई वरिष्ठ नेता और विधायक उनसे मुलाकात करने पहुंचे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, लालू यादव आगामी राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की स्थिति और रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। खासकर, आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर उनकी सक्रियता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लालू यादव का आगमन ऐसे समय में हुआ है, जब राजद कई चुनौतियों का सामना कर रही है
लालू यादव का आगमन ऐसे समय में हुआ है, जब राजद कई चुनौतियों का सामना कर रही है। हाल के दिनों में कानूनी मामलों और आंतरिक मतभेदों को लेकर पार्टी सुर्खियों में रही है। ऐसे में उनके पटना लौटने से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखा जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि लालू यादव की मौजूदगी से पार्टी को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि लालू यादव भले ही सीधे चुनावी मैदान में सक्रिय न हों, लेकिन उनकी राजनीतिक समझ और सामाजिक समीकरणों पर पकड़ आज भी मजबूत है। बिहार की राजनीति में उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

पटना आगमन के बाद लालू यादव की गतिविधियों पर सभी दलों की नजरें टिकी हुई हैं
पटना आगमन के बाद उनकी गतिविधियों पर सभी दलों की नजरें टिकी हुई हैं। हालांकि, फिलहाल लालू यादव की ओर से कोई आधिकारिक राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए धीरे-धीरे सक्रियता बढ़ाएंगे। आने वाले दिनों में उनकी बैठकों और मुलाकातों से बिहार की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है।
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अंशु झा की रिपोर्ट
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