गयाजी : बिहार के गयाजी जिले में आयोजित हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) पार्टी के अभिनंदन समारोह में केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी ने एक अहम राजनीतिक बयान दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बांग्लादेश के गठन को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि अतीत में भारत से बांग्लादेश का अलग होना एक ऐतिहासिक भूल थी। उन्होंने कहा कि यदि बांग्लादेश भारत का ही अंग बना रहता, तो वहां आज जिस तरह की प्रताड़नाएं और अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं, वे संभवतः नहीं होतीं।
इतिहास में लिए गए कुछ फैसलों का खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ता है – केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी
जीतन राम मांझी ने कहा कि इतिहास में लिए गए कुछ फैसलों का खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने संकेत दिया कि विभाजन के बाद बनी परिस्थितियों ने बांग्लादेश में सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता को जन्म दिया, जिसका असर वहां के आम नागरिकों, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों पर पड़ा। उनके अनुसार, भारत एक लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था वाला देश है, जहां सभी वर्गों और समुदायों के अधिकारों की रक्षा की जाती है।
हम पार्टी समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों की आवाज बनने के लिए संघर्ष कर रही है – केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में पार्टी कार्यकर्ताओं को भी संबोधित करते हुए कहा कि हम पार्टी समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों की आवाज बनने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत करने का आह्वान किया और कहा कि पार्टी का उद्देश्य सामाजिक न्याय, समानता और सम्मान के साथ विकास को आगे बढ़ाना है। इस अभिनंदन समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने जीतन राम मांझी का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उनके राजनीतिक योगदान की सराहना की।
समारोह में आगामी राजनीतिक रणनीतियों और संगठनात्मक विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई
समारोह में आगामी राजनीतिक रणनीतियों और संगठनात्मक विस्तार को लेकर भी चर्चा हुई। मांझी के इस बयान को राजनीतिक गलियारों में अहम माना जा रहा है। उनके वक्तव्य पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। हालांकि, उन्होंने अपने भाषण में यह स्पष्ट किया कि इतिहास से सबक लेकर देश को मजबूत और एकजुट बनाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में मांझी ने कहा कि देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है और सभी को मिलकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।

राज्यसभा सीट को लेकर मांझी का बड़ा बयान
केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने राज्यसभा सीट को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें राज्यसभा में जगह नहीं भी मिलती है, तो वे नाराज़ होकर न तो गठबंधन छोड़ेंगे और न ही अपने साथियों से मुंह मोड़ेंगे। मांझी ने यह भी कहा कि राजनीति में पद से ज्यादा सिद्धांत और भरोसे का महत्व होता है।
राज्यसभा जाना उनका व्यक्तिगत लक्ष्य नहीं है – जीतन राम मांझी
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राज्यसभा जाना उनका व्यक्तिगत लक्ष्य नहीं है, बल्कि वे दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूत करना चाहते हैं। अगर पार्टी और गठबंधन कोई और निर्णय लेता है, तो वे उसे स्वीकार करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो वे प्रदेश स्तर पर अपने पद को लेकर आत्ममंथन कर सकते हैं। मांझी के इस बयान को गठबंधन में एकजुटता का संदेश माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इससे यह साफ होता है कि वे दबाव की राजनीति नहीं करना चाहते, बल्कि स्थिरता और विश्वास बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
आशीष कुमार की रिपोर्ट
Highlights


