पटना : बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने चौथी बार मंत्री पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने मुझे पर विश्वास दिखाया है । साथ ही मैं आभार प्रकट करना चाहता हूं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिन्होंने मुझे मंत्री के रूप में ये महत्वपूर्ण दायित्व दिया है।
राज्य में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर विस्तृत कार्ययोजना जारी की है – मंगल पांडे
मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि बिहार स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और बड़ी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर विस्तृत कार्ययोजना जारी की है। सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के 663 पदों पर नियुक्ति दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी, जबकि NHM के तहत 5006 एएनएम, 1504 आयुष चिकित्सा पदाधिकारी और 220 नेत्र सहायकों की नियुक्ति अगले तीन महीनों में पूरी होगी। विशेषज्ञ चिकित्सक के 36 पद, सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी के 449 पद और 216 सीएचओ का पदस्थापन प्रतीक्षा सूची से एक माह में कर दिया जाएगा।
मंगल ने कहा- आयुष और अन्य पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया तेज कर दी गई है
उन्होंने कहा कि आयुष और अन्य पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, जिसमें दंत चिकित्सा पदाधिकारी के 808 पदों की नियुक्ति दिसंबर तक पूरी करने, 8938 एएनएम पदों की अधियाचना बीटीएससी को भेजने तथा स्टाफ नर्स, नर्सिंग ट्यूटर, आयुष चिकित्सक शिक्षक, सहायक प्राध्यापक, सीनियर रेजिडेंट, अनुबंधित सह-प्राध्यापक और तकनीकी कैडर के 12,627 पदों पर परीक्षा एवं विज्ञापन के बाद शीघ्र नियुक्ति का लक्ष्य शामिल है।
राज्य में वर्तमान में 11 सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं – स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री पांडे ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 11 सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जहां 1420 एमबीबीएस, 790 पीजी और 109 डीएनबी सीटें उपलब्ध हैं। पीजी में 160 और डीएनबी में 109 सीटों की वृद्धि की गई है, जबकि भविष्य में 210 पीजी और 150 डीएनबी सीटों की और बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में 10 नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं, जिनमें अगले तीन वर्षों में 1300 नई यूजी सीटें जोड़ने की योजना है। इसके अलावा 10 नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति और सात जिलों में नए मेडिकल कॉलेजों की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।

‘निजी मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी 8 से बढ़कर 12 हो गई है’
उन्होंने कहा कि निजी मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी आठ से बढ़कर 12 हो गई है। जहां 1900 एमबीबीएस और 449 पीजी सीटों पर नामांकन हो रहा है। दरभंगा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और गया में सुपरस्पेशियलिटी ओपीडी शुरू हो चुके हैं और अगले छह महीनों में आईपीडी सेवाएं भी शुरू हो जाएंगी। राज्य में वर्तमान में 12,365 बेड उपलब्ध हैं, जिन्हें अगले दो-तीन वर्षों में 11,922 अतिरिक्त बेड जोड़कर कुल क्षमता 24,287 बेड तक बढ़ाई जाएगी।
आयुष चिकित्सा क्षेत्र में भी विस्तार की बड़ी योजना पर काम जारी है – मंत्री मंगल पांडे
आयुष चिकित्सा क्षेत्र में भी विस्तार की बड़ी योजना पर काम जारी है। पटना, बेगूसराय, दरभंगा, भागलपुर और बक्सर में पांच राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय संचालित हैं। सात जिलों दरभंगा, मधुबनी, बेगूसराय, गया, सिवान, गोपालगंज और मोतिहारी में 50 शैय्या वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों का निर्माण शुरू किया जा रहा है। अररिया, बांका और मधुबनी में 10 शैय्या वाले आयुष अस्पतालों के लिए भी प्रावधान किया गया है।
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राज्य के 440 संस्थानों में निःशुल्क नेत्र जांच और चश्मा वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है – मंत्री
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हुए राज्य के 440 संस्थानों में निःशुल्क नेत्र जांच और चश्मा वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। 150 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ‘दीदी की रसोई’ चलाने और 328 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्तनपान कॉर्नर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने व 3200 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र क्रियाशील करने और 1500 उपकेंद्र भवनों का निर्माण पूरा करने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है। भोजपुर और वैशाली मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के साथ-साथ राजवंशीनगर स्थित 400 शैय्या वाले अतिविशिष्ट हड्डी रोग अस्पताल को भी शीघ्र राज्य की जनता को समर्पित करने की तैयारी है।
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स्नेहा राय की रिपोर्ट
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